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Coronavirus: अमेरिका में हुई इस स्टडी ने बढ़ाई चिंता, अगर ऐसा हुआ तो कोरोना को रोकना होगा मुश्किल

Thu, 19 Mar 2020 09:32 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Corona - फोटो : Social Media
चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर के कई देशों में स्वास्थ्य आपदा जैसी स्थिति हो गई है। चीन और इटली के कई देशों में शटडाउन यानी बंदी जैसे हालात हैं। भारत में भी हर दिन कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में इसका संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लोगों को तरह-तरह की सावधानियां बरतने की अपील की जा रही है। लोगों को साफ-सफाई का ध्यान रखने को कहा जा रहा है और खासकर भीड़ वाली जगहों से बचने को कहा जा रहा है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए दुनिया के कई देशों की सरकारें और स्वास्थ्य एजेंसियां कार्य कर रही है। इस बीच कई सारी बातें राहत देने वाली सामने आ रही हैं तो कुछ ऐसा भी हो रहा है, जिससे कि कोरोना पर नियंत्रण चुनौती भरा हो सकता है।
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Research - फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर दुनियाभर में रिसर्च और अध्ययन किए जा रहे हैं। यह तो मालूम हो ही चुका है कि कोरोना वायरस किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है और इसके लक्षण बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी जैसी बीमारियों से मिलते हैं। ऐसे में लोगों को ऐसे लक्षण दिखने वाले लोगों से दूर रहने को कहा जा रहा है और भीड़ वाली जगहों से बचने को कहा जा रहा है। 
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Research - फोटो : अमर उजाला
देखा जाए तो यह एक तरह से बचाव का तरीका ही है कि इसके लक्षण दिखने वाले लोगों से दूर रहा जाए। संक्रमित मरीज भी खुद को आइसोलेट करें, लोगों से बिल्कुल अलग रखें तो ऐसा कर के वायरस को फैलने से रोका जा सकता है। 

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research
वहीं दूसरी ओर अमेरिका के मैसाचुसेट्स में हुई कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों से संबंधित स्टडी ने चिंता बढ़ा दी है। मैसाचुसेट्स में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कोरोना वायरस से पीड़ित होने के बावजूद मरीजों में इसके लक्षण नहीं दिखते हैं। ऐसे कुल 82 मामले सामने आए हैं, जहां लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं दिखने के बावजूद उन्हें कोरोना से पीड़ित पाया गया।
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कुछ अन्य स्टडी में यह भी कहा गया है कि कोरोना से पीड़ित बिना लक्षण वाले मरीज ज्यादा संक्रमण फैला रहे हैं। ऐसा होना भी तय है, क्योंकि जब मरीज में लक्षण ही नहीं दिखेगा तो सावधानियां बरतना भला कैसे संभव हो पाएगा! अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक नया कोरोना वायरस लक्षण दिखने से पहले ही फैलने लगता है। हालांकि यह भी बताया गया कि ये वायरस फैलने का मुख्य तरीका नहीं है। 
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व्हाइट हाउस, अमेरिका - फोटो : Social media
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस की अधिकारी डॉक्टर डिब्रोह ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा- हम 20 साल से कम उम्र के उन लोगों पर स्टडी कर रहे हैं जिनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखते हैं। क्या ऐसिम्प्टमैटिक यानी बिना लक्षण वाले मरीज ही इस वायरस को फैलाने के जिम्मेदार हैं, इस सवाल पर डॉ. डिब्रोह ने कहा-

वास्तव में आप नहीं जानते हैं कि कितने लोग ऐसिम्प्टमैटिक हैं और इस वायरस को फैला रहे हैं। डिब्रोह ने कहा कि कोरोना वायरस फैलने से रोकने के लिए ही हम हर किसी को इसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने के लिए कह रहे हैं। 

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कोरोना वायरस - फोटो : सोशल मीडिया
वहीं दूसरी ओर एक मीडिया चैनल को दिए साक्षात्कार में विशेषज्ञों ने कहा है कि अभी यह   नहीं कहा जा सकता कि इस महामारी को फैलाने में लक्षण दिखने वाले और नहीं दिखने वालों की संख्या कितनी है। हालांकि कम लक्षण या बिना लक्षण वाले मरीज पहले की अपेक्षा अब इस वायरस को फैलाने के ज्यादा जिम्मेदार माने जा रहे हैं।

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सीडीसी के डायरेक्टर माइकल ओस्टरहोम ने कहा कि अब हम ये जान चुके हैं कि इस वायरस को फैलाने में बिना लक्षण वाले मरीजों की भी भूमिका है। ऐसिम्प्टमैटिक इंफेक्शन इस महामारी को और बढ़ा सकता है और इसे नियंत्रित करना बहुत मुश्किल हो सकता है। 
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कोरोनावायरस: जेनिफर हॉलर - फोटो : Video Grab
इस स्टडी के सामने आने के बाद कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे चुनौती मान रहे हैं। अगर सच में दुनियाभर में ऐसे ज्यादा मामले सामने आते हैं तो इस पर रोक लगा पाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। हालांकि अमेरिका में ही कोरोना के टीके का पहला परीक्षण हो चुका है और विशेषज्ञों को उम्मीद है कि जल्द ही यह आम लोगों के प्रयोग के लिए तैयार हो जाएगा।
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