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सपने में तो नहीं सता रहा कोरोना का डर? 5 सवालों से जानें COVID-19 का फोबिया तो नहीं हो गया आपको 

सार

क्या आप भी शिकार है कोरोना फोबिया से 
जानिए कैसे करें खुद को मेंटल स्ट्रांग
मनोवैज्ञानिक की जुबानी, कोरोना वायरस से लड़ने की कहानी
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कोरोनावायरस। - फोटो : अमर उजाला।
कहते हैं किसी के बारे में बार-बार लगातार सुनना, देखना और संबंधित विषय के बारे में अधिक जानकारी लेना, उसके प्रति दिमाग को बेहद संवेदनशील बना देता है। आप कोरोना को लेकर परेशान ना हों बल्कि इसका समझदारी और मजबूती से सामना करें। कोरोना को लेकर सूचनाओं की एक बाढ़ सी आ गई है। इस समय हमारे आसपास महामारी की बातें खूब हो रही हैं, कुछ गलत है, कुछ सही और कुछ अफवाह, जानिए ऐसे में कैसे रहें मेंटली स्ट्रॉन्ग, एक्सपर्ट की सलाह क्या करें और क्या नहीं करें-
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सकारात्मक सोच के साथ खुद को और अपनों को रखें

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मनोवैज्ञानिक की राय - फोटो : Amar Ujala
आइए जानते हैं कोरोना वायरस से जुड़े ऐसे सवालों के जवाब, जो आपको कर रहे हैं परेशान-

अमर उजाला -कोरोना को लेकर एक डर का माहौल बना हुआ है, इस समय तो हमारे आसपास महामारी की बातें हो रही हैं , कैसे हों मेंटली स्ट्रॉन्ग ?

डॉ रोहित शर्मा, मनोचिकित्सक- कोरोना में तनाव ( पेनिक) से  बचने के लिए ये उपाय कर सकते हैं,
  • तनाव का प्रबंधन करें, किसी भी बात पर विश्वास करने से पहले उसके बारे में विस्तृत जानकारी लें।
  • अपने दिमाग को आराम देने का तरीका सोचिए।
  • सकारात्मक सोच के साथ खुद को और अपनों को रखें।
  • क्रिएटिव कामों में अपना ध्यान लगाएं।
  • नई- नवेली चीजें सीखें।
  • दिन में बैठकर कुछ वक्त 'ध्यान' करें।
  • बच्चों के साथ बैठकर बातें करें और उनके साथ तमाम एक्टिविटी में शामिल हों।
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अपनी पुरानी और मनपसंद हॉबी में खुद को व्यस्त रखना चाहिए

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मनोवैज्ञानिक की राय - फोटो : Amar Ujala
अमर उजाला -ऐसे समय में किस तरह की गतिविधियों में खुद को व्यस्त रखना चाहिए ?

डॉ रोहित शर्मा, मनोचिकित्सक- समय बड़ा संवेदनशील है और ऐसे मौके पर हमें अपने आप को निम्नलिखित गतिविधियों में खुद को व्यस्त रखना चाहिए-
  • अपनी पुरानी और मनपसंद हॉबी में खुद को व्यस्त रखना चाहिए।
  • अच्छा संगीत और फिल्में देखनी चाहिए।
  • हंसी- ठहाके का माहौल बनाना चाहिए।
  • जितना हो सके, ज्यादा से ज्यादा समय खुद के साथ व्यतीत करना चाहिए।
  • अपनी मनपसंद किताबें पढ़नी चाहिए।
  • डर फैलाने वाली चीजों से दूरी रखनी चाहिए।
  • मोटिवेशनल विचारों से जुडी चीजों से जुड़ना चाहिए।

किसी भी कारण भ्रम होने पर अपने डॉक्टर से सलाह लें और तुरंत चेकअप कराएं

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मनोवैज्ञानिक की राय - फोटो : Amar Ujala
अमर उजाला - कहते हैं मन में एक ही चीज का डर हो तो शरीर पर उसका सीधा असर पड़ता है। कोराना के तो लक्षण भी सामान्य बुखार की तरह हैं। क्या करें और क्या नहीं ?
डॉ रोहित शर्मा, मनोचिकित्सक- सार्वजनिक जगहों पर जाने से बचें।
  • पार्टी, सैर-सपाटा और पिकनिक स्थानों पर जाने को नजरअंदाज करें।
  • किसी भी कारण भ्रम होने पर अपने डॉक्टर से सलाह लें और तुरंत चेकअप कराएं।
  • जिम, पार्क जैसे स्थानों में जाने से बचें।
  • सबसे महत्वपूर्ण, अफवाहों से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद करें।
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ऐसे कार्यक्रम ना देखें, जिनसे खौफ पैदा हो

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मनोवैज्ञानिक की राय - फोटो : Amar Ujala
अमर उजाला -इस समय किन बातों और चीजों को नजरअंदाज करना चाहिए ?

डॉ रोहित शर्मा, मनोचिकित्सक- इस समय सबसे ज्यादा फेक न्यूज से बचने की जरूरत है,
  • इस समय अफवाहों पर बिलकुल ध्यान ना दें, सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते समय फेक खबरों से सावधान रहें।  
  • किसी भी सूचना को प्रामाणिक वेबसाइट और सरकारी प्लेटफार्म पर देखें और उन पर विश्वास करें।
  • सरकार और WHO की गाइडलाइन का अनुसरण करें।
  • ऐसे कार्यक्रम ना देखें, जिनसे खौफ पैदा हो।
  • परिवार में चर्चा करें, खासकर बुजुर्गों और बच्चों से बातचीत करें।
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अपने नियमित काम से ब्रेक लीजिए और खुद के लिए प्लान कीजिए

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मनोवैज्ञानिक की राय - फोटो : Amar Ujala
अमर उजाला -बच्चों और महिलाओं को कैसे ध्यान रखना चाहिए ?

डॉ रोहित शर्मा, मनोचिकित्सक- ऐसे में महिलाओं को अपनी हॉबी पर काम करना चाहिए,
  • अपने बच्चों को इसके बारे में जानकारी दें और 'पॉजिटिव थिंकर ग्रूमिंग' दें।
  • उनको डराने वाले तथ्यों और कार्यक्रमों से दूर रखें।
  • इस दौरान खासकर जीवन और समय का प्रबंधन करें।
  • व्यायाम के लिए अच्छा वक्त दीजिए।
  • व्यायाम करने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है और रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ती है
  • अपने नियमित काम से ब्रेक लीजिए और खुद के लिए प्लान कीजिए।
  • स्वस्थ आहार खाने- पीने की शुरुआत करें।
  • 'बैलेंस डाइट' का अनुसरण कीजिए।
अफवाहों से बचें और सकारात्मक सोच के साथ मुकाबला करें। कोरोना वायरस से लड़ेंगे और जीतेंगे भी, बस जरूरत है मजबूत आत्मबल की।


Bibliography and References-
Expert- Dr. Rohit Sharma Psychiatrist.
*(Questionnaire Based).  
*(Interview).

 
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