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Coronavirus: कोरोना वायरस फेफड़ों को पूरी तरह कर सकता है क्षतिग्रस्त, नए शोध में हैरान करने वाला खुलासा

Wed, 09 Dec 2020 11:24 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोरोना वायरस किस तरह से शरीर को नुकसान पहुंचा रहा है, इसको लेकर कई शोध हो चुके हैं और अभी भी हो रहे हैं। पहले हुए शोधों में वैज्ञानिक ये कह चुके हैं कि यह वायरस फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन हाल ही में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों ने हैरान करने वाला खुलासा किया है। शोध के मुताबिक, कोरोना वायरस फेफड़ों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर सकता है और ऐसे में जिंदा रहने के लिए फेफड़े का प्रत्यारोपण ही एकमात्र विकल्प होगा। इस शोध को साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है। शिकागो के नॉर्थवेस्टर्न मेमोरियल अस्पताल के शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि कोविड-19 फेफड़े की स्थायी क्षति और उसमें गंभीर दाग का कारण बनता है, जिसमें फेफड़े के प्रत्यारोपण की जरूरत पड़ती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोविड-19 के कारण फेफड़ों का प्रत्यारोपण कराने वाले मरीजों और वायरस से मरने वाले रोगियों के शव के परीक्षण के दौरान शोधकर्ताओं ने उन खतरनाक परिवर्तनों को पाया जो मानव के फेफड़ों पर वायरस के विनाशकारी प्रभाव डालते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस अध्ययन में अनोखी कोशिकाओं, KRT17 उपकला कोशिकाओं की खोज की गई है, जो अपरिवर्तनीय क्षति वाले रोगियों के फेफड़ों के ऊतकों में हैं और जो पल्मोनरी फाइब्रोसिस के रोगियों में भी देखे गए हैं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अध्ययन के मुताबिक, गंभीर रूप से बीमार रोगियों के फेफड़ों का प्रत्यारोपण करना सुरक्षित है, यहां तक कि उन लोगों के भी, जो फेफड़े की विफलता के संक्रामक कारणों से पीड़ित हैं, जैसे कोविड-19 और प्रत्यारोपण और क्षतिग्रस्त फेफड़ों को हटाने के बाद, रोगी तीव्र गति से ठीक हो जाते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
भारत में वैसे कई मामले ऐसे देखे गए हैं, जिसमें कोरोना संक्रमित रोगियों के फेफड़े प्रत्यारोपित किए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोना वायरस संबंधी फाइब्रोसिस से एक 48 वर्षीय व्यक्ति के फेफड़े बुरी तरह प्रभावित हुए थे, जिसके बाद उसे चेन्नई ले जाया गया था। वहां उसके फेफड़ों को सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया था। इसे एशिया का पहला ऐसा केस माना गया है, जिसमें कोरोना वायरस पॉजिटिव रोगी के दोनों ओर के फेफड़ों का प्रत्यारोपण किया गया।
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