प्रतीकात्मक तस्वीर
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आईआईटी भुवनेश्वर के निदेशक प्रोफेसर आर. वी. राजा कुमार ने कहा कि संस्था के संकाय सदस्य और छात्र कोविड-19 महामारी के दौरान अथक परिश्रम कर रहे हैं और नई तकनीक विकसित करने के अलावा संबंधित मुद्दों पर अध्ययन भी कर रहे हैं। वर्तमान सामाजिक सरोकार के मुद्दे पर अध्ययन करने के लिए टीम को बधाई देते हुए प्रोफेसर कुमार ने कहा कि यह अध्ययन भी इसी दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा, 'जैसा कि सभी जानते हैं, कोविड-19 छींकने, खांसने और बोलने के दौरान मुंह और नाक से निकलने वाली पानी की सूक्ष्म बूंदों के कारण फैलता है। यह अध्ययन दिखाता है कि कैसे एहतियाती उपकरणों से ये सूक्ष्म कण लीक हो सकते हैं। इस अध्ययन में दो गज की दूरी का महत्व स्पष्ट है।'