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Coronavirus: कोरोना से ठीक हुए मरीजों को जरूर कराना चाहिए ये टेस्ट, नहीं तो हो सकता है खतरा

Wed, 09 Dec 2020 10:01 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना महामारी को दुनिया में आए 11 महीने से अधिक का समय बीच चुका है। इसकी वजह से दुनियाभर में अब तक 15 लाख 67 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। दरअसल, यह एक ऐसी बीमारी है, जो न सिर्फ इम्यून सिस्टम को बल्कि शरीर के कई अंगों को भी खराब कर दे रही है, जिसमें फेफड़े भी शामिल हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो अगर शरीर में वायरस का लोड बढ़ जाता है तो उससे फेफड़ों के खराब होने की आशंका ज्यादा रहती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि फेफड़ों के खराब होने की स्थिति में ब्लड में ऑक्सीजन लेवल घट जाता है, जिसकी वजह से तमाम तरह की अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डॉक्टर ऐसा मानते हैं कि कोरोना से ठीक हुए मरीजों को अपना ब्लड गैस टेस्ट जरूर करा लेना चाहिए। खासकर ऐसे मरीजों को, जिनमें वायरस लोड ज्यादा था और उनका ऑक्सीजन लेवल घट गया था, जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ब्लड गैस टेस्ट क्या होता है? 

यह एक ऐसा टेस्ट है, जिसके जरिए धमनियों के रक्त की अम्लता और उनमें मौजूद ऑक्सीजन और कार्बन-डाईऑक्साइड के स्तर का पता लगाया जाता है। इससे यह पता चलता है कि फेफड़े और लिवर ठीक तरह से काम कर रहे हैं या नहीं और चूंकि कोरोना फेफड़ों को क्षतिग्रस्त कर रहा है, ऐसे में यह टेस्ट कराना तो बहुत ही जरूरी है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
अगर आप कोरोना से ठीक हो गए हैं और पोस्ट कोविड के लक्षण दिखते हैं, जैसे- सांस लेने में दिक्कत, जी मचलना या बेचैनी, तो आपको ब्लड गैस टेस्ट जरूर कराना चाहिए। वैसे तो इन लक्षणों के पीछे कई अन्य वजहें भी हो सकती हैं, लेकिन कोरोना से ठीक हुए मरीजों में यह फेफड़ों के खराब होने का संकेत हो सकता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कैसे होता है ब्लड गैस टेस्ट? 

ब्लड गैस टेस्ट के लिए पहले बांह की धमनियों में इंजेक्शन लगाया जाता है और फिर वहां से पर्याप्त मात्रा में ब्लड सैंपल लिया जाता है। इसके बाद उसे ब्लड सैंपल को परीक्षण के लिए भेज दिया जाता है। इसके बाद आपको सैंपल के सटीक नतीजे जानने के लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 
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