अमेरिका और ब्रिटेन में शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने नोवल कोरोना वायरस में सैकड़ों बदलाव देखे हैं। हालांकि इनमें से किसी भी शोध से यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि इससे इसके संक्रमण पर क्या असर पड़ेगा और ऐसे वायरस के खिलाफ वैक्सीन कितनी प्रभावी होगी। वायरस में बदलाव आना साधारण बात है। सवाल ये है कि इनमें से किन बदलावों का असर संक्रमण की गंभीरता या रफ्तार पर पड़ता है?
अमेरिका में हुए एक शुरुआती रिसर्च में कहा गया है कि नोवल कोरोना वायरस में एक खास बदलाव- D614G ज्यादा हावी हो रहा है, जिसकी वजह से कोविड 19 बीमारी अधिक संक्रामक हो सकती है। हालांकि यह रिसर्च न तो अभी औपचारिक रूप से प्रकाशित हुई और न ही अभी दूसरे वैज्ञानिकों ने इसकी समीक्षा की है।