कोरोना संक्रमण के दैनिक मामलों में अब काफी हद तक कमी आई है, लेकिन इस बीच वायरस के डेल्टा प्लस वैरिएंट ने अलग चिंता पैदा कर दी है। इसे कोरोना का सबसे घातक रूप बताया जा रहा है। महामारी की दूसरी लहर में वायरस के जिस वैरिएंट ने तबाही मचाई, उसे डेल्टा नाम दिया गया है और अब जो डेल्टा प्लस वैरिएंट आया है, उसे पहले वाले से भी ज्यादा घातक माना जा रहा है। जीनोम सिक्वेसिंग के जरिये भारत में इस खतरनाक वैरिएंट की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। महाराष्ट्र की कोविड टास्क फोर्स ने यह आगाह किया है कि अगर कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया गया तो आने वाले एक-दो महीने में महामारी की तीसरी लहर राज्य को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। कहा जा रहा है कि तीसरी लहर में मरीजों की संख्या दूसरी लहर के मुकाबले और अधिक हो सकती है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट से कैसे बचा जा सकता है और क्या नए वैरिएंट पर वैक्सीन प्रभावी हैं?