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विशेषज्ञ से जानें: क्या कोरोना की वजह से लोगों में डिमेंशिया के लक्षण भी आ रहे हैं?

Tue, 01 Jun 2021 04:03 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
देश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार कम हो रहे हैं। बीते 24 घंटे में एक लाख 27 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जबकि कुछ दिन पहले रोजाना चार लाख के करीब मामले सामने आ रहे थे। इस बीच देश में कोरोना से स्वस्थ होने की दर में भी सुधार आया है। पिछले 24 घंटे में दो लाख 55 हजार से अधिक मरीज स्वस्थ हुए हैं, इसके साथ ही देश में ठीक होने वालों की दर 92.09 फीसदी हो गई है। फिलहाल कोरोना के कुल सक्रिय मामलों की दर 6.73 फीसदी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 43 दिनों में सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 20 लाख से नीचे आ गई है। हालांकि कोरोना से ठीक होने के बाद भी मरीजों में कई तरह की समस्याएं देखने को मिल रही हैं। क्या कोरोना की वजह से लोगों में, खास तौर पर बुजुर्गों में डिमेंशिया के लक्षण भी सामने आ रहे हैं? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना से जुड़े कुछ ऐसे ही जरूरी सवालों के जवाब...  
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
तीसरी लहर को लेकर लोगों के मन में एक डर है, क्या खतरा ज्यादा हो सकता है? 
  • दिल्ली स्थित  जी. बी. पंत अस्पताल के डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, 'अगर विश्व में देखें तो कई देशों में कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है। हमारे देश में अभी दूसरी लहर है। लोगों के मन में चिंता है कि तीसरी लहर आ सकती है, लेकिन अगर 2020 से 2021 की तुलना करते हैं, तो अब हमारे पास वैक्सीन है और उम्मीद है कि दिसंबर तक 60 से 70 प्रतिशत तक वैक्सीन लग जाएगी। दूसरा, इस लहर में काफी लोग संक्रमित हुए और इम्यून हो चुके हैं। ऐसे में उम्मीद है कि तीसरी लहर आने से जो डर है, वैसा कुछ नहीं होगा।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या कोविड की वजह से लोगों में, खास तौर पर बुजुर्गों में डिमेंशिया के लक्षण भी आ रहे हैं? 
  • डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, 'कई बार मरीज में डिमेंशिया के लक्षण पहले से होते हैं, लेकिन तब हम पहचान नहीं पाते हैं। इसके अलावा कई बार बुजुर्गों में ब्लड प्रेशर या डायबिटीज की समस्या है तो कोविड के समय में ये बढ़ जाती हैं। इससे ब्रेन (मस्तिष्क) में छोटे-छोटे क्लॉट बन जाते हैं। इसमें भी डिमेंशिया की समस्या हो सकती है। इसका एक कारण आइसोलेशन भी है, लोगों में लक्षण डिमेंशिया के होते हैं, लेकिन वजह तनाव होता है। ऐसे समय में अपने डॉक्टर से संपर्क करें, ये कंट्रोल हो सकता है, इसका इलाज होने पर ठीक हो सकता है।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या कोविड में आइसोलेशन में रहने से लोगों में तनाव हो रहा है? 
  • डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, 'पहले जैसे अन्य बीमारी में लोग मरीज से मिल कर उसका हाल-चाल लेते थे, यहां तक कि उसके पास बैठ सकते थे, लेकिन कोविड में मरीज आइसोलेशन में चला जाता है। परिवार का आस-पास जाना मना होता है, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा रहता है। फोन पर तो बात कर सकते हैं, लेकिन साथ उठ-बैठ नहीं पाते हैं। लेकिन आइसोलेशन को लेकर सरकार ने गाइडलाइन भी जारी की है, जिसमें अगर मरीज के लक्षण नहीं बढ़ते और 10 दिन के आइसोलेशन में तीन दिन तक बुखार न आए, तो आइसोलेशन खत्म कर सकते हैं। पहले ये 14 दिन का होता था। इसलिए होम आइसोलेशन में भी हैं तो घबराएं या परेशान न हों, बस इन बातों का ध्यान रखें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
देश में कोविड के मामले कम हो रहे हैं, इसे कैसे देखते हैं? 
  • डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, 'जी हां, पिछले कुछ महीनों के मुकाबले कोविड केस में 60 से 70 फीसदी तक गिरावट है, जो काफी सुखद है। लेकिन हमें इससे सीख लेने की जरूरत है कि जो लापरवाही की थी, उसकी वजह से ये स्थिति उत्पन्न हुई थी। अब आने वाले समय में हमें दोबारा इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े, इसलिए इस बार त्योहार, समारोह आदि में लापरवाही न करें।' 
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