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Coronavirus: अगर कोई कोरोना से संक्रमित है, तो क्या उसे वैक्सीन लगवानी चाहिए? विशेषज्ञ से जानें

Tue, 12 Jan 2021 08:02 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अन्य कई देशों की तरह भारत में भी 16 जनवरी से कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू होने वाला है। हालांकि यहां की सबसे अच्छी बात ये है कि देश में कोविड-19 महामारी से स्वस्थ होने की दर 96.43 फीसदी हो गई है, यानी लोग तेजी से ठीक हो रहे हैं। इसके अलावा भारत में कोरोना वायरस से होने वाली मौतों की दर भी 1.44 फीसदी है जो दुनिया में अधिकांश देशों की तुलना में बहुत कम है। चूंकि टीकाकरण शुरू तो होने वाला है, लेकिन अभी भी वैक्सीन से जुड़े ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब शायद ही लोगों को पता हों। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं ऐसे ही कुछ जरूरी सवालों के जवाब... 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अगर कोई संक्रमित है, तो क्या उसे वैक्सीन लगवानी चाहिए? 
  • दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. राजेंद्र के. धमीजा कहते हैं, 'अगर कोई संक्रमित है, तो सबसे पहले होम आईसोलेशन के नियमों का पालन करें। अगर अस्पताल में भर्ती हुए हैं, तो डॉक्टरों की निगरानी में रहें। जब तक संक्रमित हैं, तब तक बिल्कुल बाहर नहीं जाना है, क्योंकि औरों के लिए भी रिस्क है। ऐसे में टीकाकरण के लिए नहीं जाना है।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन बनाने वाला वायरल वेक्टर प्लेटफॉर्म कैसे काम करता है? 
  • डॉ. राजेंद्र के. धमीजा बताते हैं, 'इसमें नुकसान नहीं पहुंचाने वाले वायरस को लेकर उसके जीनोम में सार्स कोविड-19 वायरस का आरएनए मैसेंजर डाला जाता है। फिर इसी हार्मलेस (नुकसान न पहुंचाने वाले) वायरस को शरीर में इंजेक्ट किया जाता है, जो हमारी कोशिकाओं को स्पाइक प्रोटीन बनाने को कहता है। फिर इसके विरुद्ध हमारे शरीर में एंटीबॉडी बनने लगते हैं और उस दशा में असली कोविड वायरस हमला करने पर भी शरीर को प्रभावित नहीं कर पाता है।' 

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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
आरएनए वैक्सीन कैसे काम करती है? 
  • डॉ. राजेंद्र के. धमीजा बताते हैं, 'मैसेंजर आरएनए तकनीक से अब तक कई वैक्सीन बनाई गईं, लेकिन एक भी अप्रूव नहीं हुईं। यह पहली आरएनए वैक्सीन हैं, जिन्हें अनुमति मिली है, जिसे मॉडर्ना और फाइजर ने बनाई है। इसमें वायरस के जीनोम से आरएनए को निकाल कर शरीर में इंजेक्ट करते हैं। यह मैसेंजर आरएनए कोड हमारी कोशिकाओं को निर्देश देता है कि आप स्पाइक प्रोटीन बनाइए। तब हमारा शरीर उस स्पाइक प्रोटीन के विरुद्ध एंटीबॉडी बनाते हैं। तब जब वायरस हमला करता है, तब एंटीबॉडी उससे लड़ने में सक्षम होती है।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
देश में टीकाकरण अभियान पर आप क्या कहेंगे? 
  • डॉ. राजेंद्र के. धमीजा कहते हैं, '16 जनवरी से हमारे देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू होगा। लेकिन ध्यान रहे, कोविड-19 से बचने के लिए नियमों को अपनाना जारी रखें, चाहे वैक्सीन लग भी जाए तो भी। यह बहुत बड़ा अभियान है और इसमें समय भी लगेगा।' 
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