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विशेषज्ञ से जानें: भारत में कोरोना महामारी की कुल कितनी लहर आ सकती है?

Thu, 22 Jul 2021 03:46 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
कोरोना का खतरा अभी बरकरार है। हर दिन हजारों की संख्या में नए मरीज मिल रहे हैं और सैकड़ों लोगों की मौत हो रही है। ऐसे में चिंता करना स्वभाविक है। हालांकि कोरोना के खिलाफ राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 38 करोड़ 76 लाख से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं और देश में कोरोना से स्वस्थ होने की दर भी 97.28 फीसदी हो गई है। अब तक तीन करोड़ एक लाख से अधिक लोग कोरोना के संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। लेकिन इस बीच महामारी की तीसरी लहर की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसे में कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कोरोना की कुल कितनी लहर आ सकती है? हालांकि कितनी भी लहर आए, अगर लोग सावधानी बरतेंगे तो निश्चित ही कोरोना से बचेंगे। इसके लिए मास्क पहनना, सुरक्षित शारीरिक दूरी अपनाना और अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि विटामिन-सी किस तरह कोरोना से लड़ने में हमारी मदद करता है और कोरोना से जुड़े कुछ अन्य सवालों के जवाब भी... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
विटामिन-सी किस तरह कोरोना से लड़ने में हमारी मदद करता है? 
  • दिल्ली स्थित आरएमएल अस्पताल के डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'विटामिन-सी एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो हमारी इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। लेकिन इसके लिए विटामिन-सी की गोलियां खाने की सलाह नहीं दी जाती, बल्कि प्राकृतिक फल और सब्जी खाने की सलाह दी जाती है, जिनमें आंवला, नींबू, संतरा, अमरूद आदि हैं। ये फल हर कोई ले सकता है, बच्चा, बुजुर्ग, गर्भवती या अन्य कोई भी। अगर कोई खुद से रोजाना इसकी गोली लेने लगता है तो इससे पथरी होने की भी संभावना रहती है।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना की कुल कितनी लहर आ सकती है? 
  • डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'लहर आना कोई निश्चित नहीं होता है, ये हमारे ऊपर निर्भर करता है। जब अनलॉक होता है तो लोग कोरोना को भूल जाते हैं और फिर से भीड़ में जमा होने लगते हैं और इसकी वजह से दोबारा केस बढ़ने लगते हैं। ये सिलसिला अगर चलता रहा तो हर बार उसे पहली, दूसरी और तीसरी लहर का नाम दे दिया जाता है। लेकिन इन लहर को हम रोक सकते हैं, अगर नियमों का पालन करें या फिर हर्ड इम्यूनिटी आ जाए। हर्ड इम्यूनिटी तब आती है जब 70 प्रतिशत लोगों के अंदर एंटीबॉडी बन जाए और यह वैक्सीन से ही आएगी। इसलिए वैक्सीन जरूर लगवाएं।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
बहुत से लोग बाहर जाने का प्लान कर रहे हैं, क्या सावधानी रखें? 
  • डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'सबसे जरूरी ये है कि बहुत बड़ा कोई आयोजन या समारोह न करें। अगर कोई समारोह करना ही है तो बहुत कम लोगों को बुलाएं। अगर बाहर जाना है और लग रहा है कि ज्यादा लोग जा रहे हैं, भीड़ हो सकती है तो न जाएं। अगर जा रहे हैं तो कोरोना टेस्ट करा लें, वैक्सीन लग चुकी है तो और भी अच्छी बात है। कहीं घूमने जा रहे हैं तो कोविड नियमों का पालन करें, मास्क लगाएं, सुरक्षित दूरी का पालन करें। कुल मिलाकर अभी बाहर इस तरह निकलना सुरक्षित नहीं है। वायरस खत्म नहीं हुआ है, अभी केवल उसकी रफ्तार कम हुई है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
पीएम ने लोगों से कोविड के नियमों का पालन करने को कहा है, इसे कैसे देखते हैं? 
  • डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'अनलॉक होते ही, जिस तरह से लोग हिल स्टेशनों पर घूमने निकल पड़े हैं, वह चिंता का विषय है। लोग भीड़ कर रहे हैं और कोविड नियमों का पालन भी नहीं कर रहे हैं। ऐसे में ये तीसरी लहर की वजह बन सकता है। पीएम ने भी जो चिंता जताई है, वो बहुत सही है, क्योंकि इन्हीं लापरवाही की वजह से हमने दूसरी लहर देखी।' 
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