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कोरोना के खतरे को कम करें: सुबह खाली पेट खाएं ये तीन चीजें, इम्यूनिटी होगी मजबूत

Sat, 29 May 2021 08:02 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey

प्रिया पांडेय

डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष


इम्यूनिटी के मजबूत होने से क्या फायदे होते हैं, ये तो इस कोरोना काल में आप जान ही गए होंगे। इम्यूनिटी कम हो तो सिर्फ कोरोना ही नहीं बल्कि कई अन्य बीमारियों का भी खतरा रहता है, जिसमें ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस भी शामिल है। इसलिए लोग अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए तरह-तरह के उपाय करते नजर आ रहे हैं। आज हम बताने जा रहे हैं उन चीजों के बारे में, जिनका सेवन अगर खाली पेट किया जाए तो इम्यूनिटी को मजबूत बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं वो कौन-कौन सी चीजें हैं... 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
लहसुन 
  • लहसुन में कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। यही वजह है कि इसे इम्यूनिटी को मजबूत करने में भी कारगर माना जाता है। अगर सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ इसका सेवन किया जाए तो यह बेहद ही लाभकारी होता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आंवला 
  • आंवले को रोग प्रतिरोक्षक क्षमता यानी इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक माना जाता है, क्योंकि इसमें अच्छी खासी मात्रा में विटामिन-सी पाया जाता है। अगर आप सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ इसके सेवन करें, तो यह सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
शहद 
  • आयुर्वेद में शहद का बड़ा ही महत्व है। सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ अगर नियमित रूप से एक चम्मच शहद का सेवन किया जाए, तो यह वजन घटाने से लेकर त्वचा को निखारने और इम्यूनिटी को मजबूत करने में भी मदद करता है। इससे सर्दी-जुकाम और खांसी जैसी समस्याओं में भी आराम मिलता है। 
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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