इसके नुकसान क्या हैं?
इस रिसर्च की अगुवाई करने वाली प्रोफेसर लिडिया बरॉबिया ने बीबीसी को बताया कि वो 'सुरक्षित दूरी' की मौजूदा धारणा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा, "जब हम सांस लेते, खांसते या छींकते हैं तो ये इससे निकलने वाली बूंदें काफी दूर तक जा सकती हैं। यहां तक कि पूरे कमरे में भी फैल सकती हैं। इसलिए दो मीटर वाली दूरी और ये सोचना कि बूंदें जमीन पर गिर जाएंगी, ये बहुत ज्यादा विश्वसनीय नहीं है। ये धारणा हमने बिना पूरी तरह नापतौल किए और सीधे देखे बनाई है।"