संक्रमण की रफ्तार
डॉक्टर अरिंदम बसु कहते हैं कि अभी तक ये पता नहीं है कि जिन लोगों में वायरस से लड़ने की क्षमता है, वो भी दोबारा संक्रमित होंगे या नहीं। कोविड-19 के फैलने में समाज के ताने-बाने और लोगों की उम्र का भी बड़ा हाथ है। मिसाल के लिए इटली में ज्यादातर संयुक्त परिवार हैं और यहां बुजुर्गों की तादाद भी ज्यादा है।
लोग एक दूसरे के नजदीक रहते हैं। इसीलिए यहां कोविड-19 से सबसे ज्यादा मौत भी हुई हैं। इटली में जितने लोग संक्रमण की वजह से मरे हैं, उनमें बड़ी संख्या बुजुर्गों की है। फिर भी इटली में जहां भी सोशल डिस्टेंसिंग का फॉर्मूला अपनाया गया, वहां संक्रमण की रफ्तार काफी कम हुई है।
इटली में संक्रमण पर काबू पाने के लिए दो शहरों में अलग-अलग रणनीति अपनाई गई। लोडी शहर में 21 फरवरी को पहला केस सामने आया था। और इसके दो दिन बाद ही शहर में यात्रा पर पाबंदी लगा दी। 24 फरवरी को सभी स्कूल, यूनिवर्सिटी, स्टेडियम, कल्ब, सार्वजनिक कार्यक्रमों पर पाबंदी लगा दी गई।