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ध्यान दें: क्या कोरोना के बाद आपके भी बाल तेजी से झड़े हैं? जानिए इसके पीछे की वजह और इलाज

Mon, 02 Aug 2021 04:15 PM IST
सोनू शर्मा स्वाति शैवाल
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Ajay Yadav 

डॉ. अजय यादव
स्किन रिन्यू क्लिनिक
बीएचएमएस, सीएसडी, सीवीडी, सीसीएच, एनडी
कंसल्टिंग होम्योपैथी फिजिशियन
स्किन एस्थेशियन, ट्राईकोलॉजिस्ट (ऑस्ट्रेलिया)
 

बालों का झड़ना एक बहुत ही सामान्य समस्या है, लेकिन क्या हाल ही में कोरोना बीमारी, डेंगू आदि से ठीक होने के बाद आपके बालों का झड़ना तेजी से शुरू हुआ है? हाल ही में कोरोना से लड़कर बाहर आईं मंजू बताती हैं, 'बीमारी से उठने के बाद जब मैंने बाल धोए तो मुझे लगा कि शायद बहुत दिनों बाद बालों की देखभाल हो पाई है, इसलिए बाल इतने निकले हैं, लेकिन इसके बाद तो ऐसा लगा जैसे बालों को मैंने सर पर किसी एडहेसिव से चिपका रखा था और अब एडहेसिव खत्म होते ही बाल निकलते जा रहे हैं। मेरा सिर कुछ ही हफ्तों में खाली सा हो गया। केवल हाथ लगाने भर से बालों के गुच्छे हाथ में आने लगे। मेरा डर इतना बढ़ गया कि मैंने बालों को हाथ लगाना ही बंद कर दिया।' वही, एक अन्य शख्स कहता है, 'चार महीने पहले मैं कोरोना पॉजिटिव हुआ था। इलाज के बाद कुछ दिनों में धीरे धीरे रूटीन पर वापस आने लगा। करीब दो महीने बाद अचानक एक दिन सोकर उठा तो देखा तकिए पर ढेर सारे बाल चिपके हुए थे। मैं एकदम से चौंक गया। फिर तो ये रोज का मामला हो गया। तंग आकर मैंने पूरे बाल ही मुंडा लिए, लेकिन ये समस्या का हल तो नहीं है।' आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह और क्या है इसका सामान्य इलाज?  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
बढ़ा है प्रतिशत
  • कोरोना से ठीक हो रहे मरीजों की संख्या में तो इजाफा हुआ है, लेकिन पोस्ट कोविड समस्याओं का प्रतिशत भी उतनी ही तेजी से बढ़ा है। जहां पोस्ट कोविड मरीजों में कई बड़ी समस्याएं देखने को मिल रही हैं, वहीं कमजोरी और बालों का झड़ना जैसी आम समस्याएं भी सामने आ रही हैं। यूं थोड़े बहुत बालों का झड़ना मानसून के दौरान और भी आम है, लेकिन यहां दिक्कत ज्यादा बड़ी है। बाल इतने कमजोर हो रहे हैं कि एक दिन में कई कई बार बाल झड़कर हाथ में आ जाते हैं।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बीमारी और कमजोरी 
  • बात सिर्फ इतनी सी है कि किसी भी लंबे समय की बीमारी के बाद शरीर कई स्तरों पर कमजोर हो जाता है। इस स्थिति से उबरने में वक्त लगता है। ये कमजोरी अंदरूनी और बाहरी दोनो स्तरों पर हो सकती है। बाल झड़ना भी इसी कमजोरी का परिणाम है। बीमारी के दौरान शरीर में होने वाला पोषक तत्वों का लॉस, संक्रमण फैलाने वाले तत्वों का असर, बुखार का होना, भोजन का पर्याप्त न हो पाना, दवाइयों का असर, आदि सारी चीजें मिलकर बालों पर बुरा असर डाल सकती हैं। इस सबके बाद बहुत लंबे समय तक बालों की देखभाल भी नहीं हो पाती। नतीजा, बाल झड़ने लगते हैं। ऐसा केवल कोरोना के बाद ही नहीं होता, मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड या किसी भी वायरल डिजीज आदि के बाद बाल झड़ सकते हैं।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सामान्य उपाय भी हैं कारगर 

बीमारी ठीक होने के करीब दो से तीन माह बाद आमतौर पर बालों का इस तरह से झड़ना शुरू होता है। होम्योपैथी में इस समस्या के लिए बाकायदा अलग से इलाज होता है, क्योंकि इस पैथी में बीमारी के बाद बाल झड़ने के लक्षण को भी ध्यान में रखकर इलाज किया जाता है। ज्यादातर मामलों में सामान्य साधनों और डाइट से ही फायदा हो जाता है। कुछ बातों का ध्यान रखना कारगर हो सकता है। जैसे:-  
  • हफ्ते में कम से कम तीन बार बालों में तेल लगाएं। अगर आप कोई विशेष तेल किसी डॉक्टर की  सलाह से लगाते हैं तो ठीक, वरना नारियल तेल भी बहुत बढ़िया असर करता है।  
  • तुअर दाल से भी बहुत फायदा हो सकता है। अगर आप रोज कम से कम एक बड़ी कटोरी दाल पी लेते हैं तो बहुत अच्छा है। दाल को चावल या रोटी के साथ खाना इसमें नहीं गिना जाएगा।  
  • यदि अंडे का सेवन करते हैं तो उसका सफेद भाग नाश्ते में खाएं। 
  • काले देसी चने,मूंग आदि को अंकुरित करके कम से कम एक कटोरी हफ्ते में तीन बार खाएं।  
  • बालों पर कुछ समय कॉस्मेटिक्स का प्रयोग कम कर दें या बहुत जरूरत होने पर डॉक्टर की सलाह से ही प्रयोग करें। 
  • पर्याप्त नींद, आराम और संतुलित भोजन का ध्यान रखें। 
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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