प्रतीकात्मक तस्वीर
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ऑटोप्सी अध्ययन से यह भी पता चला कि यह वायरस रक्त प्रवाह के माध्यम से फैल सकता है, किसी व्यक्ति की रक्त वाहिकाओं, हृदय, मस्तिष्क, यकृत (लिवर), गुर्दे (किडनी) और बृहदान्त्र में फैल सकता है। इस खोज ने वायरस के लक्षणों की विस्तृत व्याख्या करने में मदद की। पैथोलॉजिस्ट्स ने कोरोना वायरस से संक्रमित अंगों और ऊतकों को शव परीक्षा के दौरान फ्रीजर्स में एकत्र किया है, जो शोधकर्ताओं को इस बीमारी के अध्ययन के साथ-साथ उसके संभावित इलाज और उपचार में भी मदद करेंगे।