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वैक्सीन के बिना इस दवा से कोरोना संक्रमण रोकने का दावा, चूहे पर सफल ट्रायल के बाद बढ़ी उम्मीद

Thu, 21 May 2020 02:12 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दावा है कि इस साल के अंत तक यह दवा बाजार में उपलब्ध होगी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pexels
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच इसकी वैक्सीन और दवा तैयार करने में दुनियाभर के कई वैज्ञानिक और कंपनियां प्रयासरत हैं। भारत, ब्रिटेन, अमेरिका समेत कई देशों में इसको लेकर शोध हो रहे हैं और कई जगहों से सकारात्मक असर होने की खबरें भी आ रही हैं। इस बीच चीन के वैज्ञानिक ने ऐसी दवा बनाने का दावा किया है, जो बिना वैक्सीन के ही कोरोना वायरस को रोकने में सक्षम होगी। उनका दावा है कि इस साल के अंत तक यह दवा बाजार में उपलब्ध होगी। आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से। 
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media
एंटीबॉडी का प्रयोग
  • चीन की राजधानी बीजिंग स्थित एडवांस्ड इनोवेशन सेंटर फॉर जीनोमिक्स के निदेशक सुने शी का दावा है कि वह जो दवा तैयार कर रहे हैं, वह कोरोना संक्रमण को रोकने में कारगर होगी। उनका कहना है कि यह दवा इंसान के इम्यून सिस्टम में पैदा की गईं एंटीबॉडी का इस्तेमाल कर कोरोना वायरस से लड़ती है।
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Research
जानवरों पर सफल ट्रायल 
  • दवा की जांच पेकिंग यूनिवर्सिटी में की जा रही है। शोधकर्ताओं का दावा है कि दवा कम समय में रिकवर करने के साथ मरीज में वायरस से लड़ने के लिए शॉर्ट-टर्म इम्युनिटी भी विकसित करती है। शोधकर्ता सुने शी के मुताबिक, दवा का जानवरों पर ट्रायल किया गया है जो सफल रहा है।

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चूहे पर ट्रायल में सकारात्मक परिणाम (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
दवा में इलाज की क्षमता
  • वैज्ञानिक सुने शी का कहना है कि एंटीबॉडी संक्रमित चूहे में इंजेक्ट करने के पांच दिन बाद वायरस 2500 गुना तेजी से कम हुआ। यानी इसका यही मतलब है कि दवा में कोरोना के इलाज की क्षमता है। 
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
दवा और एंटीबॉडी करेगी काम
  • सुने शी का कहना है कि इंसान के शरीर का इम्यून सिस्टम न्यूट्रिलाइजिंग एंटीबॉडी का निर्माण करता है। हम जो दवा बना रहे हैं, वह इन्हीं एंटीबॉडी का इस्तेमाल करके और साथ मिलकर कोरोना वायरस से संक्रमित कोशिकाओं को खत्म करती हैं। 
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Amar Ujala
कम समय में रिकवरी
  • साइंटिफिक जर्नल सेल में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि एंटीबॉडी के कारण संक्रमित व्यक्ति बीमारी से जल्दी रिकवर हो जाता है। शोधकर्ता सुने शी के मुताबिक, उनकी टीम सिंगल सेल जीनोमिक्स पर काम कर रही है, जो न्यूट्रिलाइजिंग एंटीबॉडी ढूंढने का सबसे अच्छा तरीका है।
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Research
अब ऑस्ट्रेलिया में ट्रायल
  • इस दवा के बारे में बताया जा रहा है जल्द ही इसका क्लीनिकल ट्रायल शुरू होगा। चूंकि चीन में कोरोना के मामले कम हैं, इसलिए इसका ट्रायल ऑस्ट्रेलिया में पहले सूअरों पर किया जाएगा। 

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इबोला(File Photo) - फोटो : social media
पहले भी कारगर रही है दवा
  • शोधकर्ता का दावा है कि एंटीबॉडी के साथ इस दवा का इस्तेमाल कोरोना वायरस को खत्म करने में कारगर साबित होता है। उनका कहना है कि इसका इस्तेमाल एचआईवी, इबोला और मर्स के संक्रमण में भी हो चुका है। क्लिनिकल ट्रायल में दवा सफल होती है तो कोरोना से जंग में बड़ी राहत होगी। 
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कोरोना की जांच के लिए नमूना एकत्र करती महिला स्वास्थ्य कर्मी(File Photo) - फोटो : PTI
मालूम हो कि दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आए लोगों की संख्या 51 लाख पार कर चुकी है। हालांकि राहत की बात यह भी है कि 20 लाख से ज्यादा लोग इस बीमारी से ठीक होकर घर आ चुके हैं। 
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