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Coronavirus drug: कोरोना मरीजों पर इस दवा ने दिखाया असर, परीक्षण के चौथे स्तर पर पहुंची

Sun, 19 Jul 2020 09:50 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना की वैक्सीन बनाने का काम लगातार जारी है, लेकिन अभी तक पूरी तरह से वैज्ञानिकों को सफलता नहीं मिल पाई है। हालांकि इससे पहले वैज्ञानिकों ने कई तरह की दवाइयों पर भी शोध किया है, जो कोरोना के इलाज में कारगर सिद्ध हो रही हैं। एक ऐसी ही दवाई का सकरात्मक परिणाम वैज्ञानिकों को मिला है, जिसका इस्तेमाल सोरायसिस बीमारी से पीड़ित मरीजों के इलाज में होता है। इस दवाई को बनाने वाली कंपनी के अमेरिकी साझीदारों ने इसके अगले चरण के परीक्षण और परिणामों को लेकर बहुत उत्साहित हैं। बायोकोन कंपनी की चेयरपर्सन और एमडी किरण मजूमदार शॉ ने इस दवाई के बारे में जानकारी दी है। आइए जानते हैं इस दवाई के बारे में और कैसे यह कोरोना के इलाज में कारगर है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस दवाई का नाम 'टोसीलिजुमाब' है, जिसे 'एटिज़ुमैब' नाम से भी जाना जाता है। इसे भारत में मान्यता मिली हुई है और इसका इस्तेमाल डॉक्टर्स कर रहे हैं। एंटीबॉडीज पर इसका परिणाम काफी अच्छा रहा है। विशेषज्ञों को कोरोना के लक्षणों पर इस दवाई का प्रभावी असर देखने को मिला है।   
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस दवाई का चौथा परीक्षण अभी होना बाकी है और अगर यह सफल हो जाता है तो उम्मीद की जा रही है कि भारतीयों द्वारा तैयार की गई एक बेहतरीन कोरोना वैक्सीन इस साल के अंत तक बाजार में आ सकती है। अब आइए जानते हैं भारत समेत अन्य देशों में कब तक वैक्सीन के बाजार में आने की संभावना है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
भारत बायोटेक द्वारा निर्मित भारतीय कोरोना वैक्सीन 'कोवैक्सिन' का मानव परीक्षण शुरू हो गया है। वैक्सीन की पहली खुराक स्वयंसेवकों को दी जा चुकी है और उनपर उसका कोई साइड-इफेक्ट भी देखने को नहीं मिला है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ दिनों के बाद उन्हें वैक्सीन की दूसरी खुराक दी जाएगी। यह वैक्सीन आईसीएमआर की मदद से बनाई गई है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
भारत की एक दूसरी वैक्सीन भी मानव परीक्षण के दौर में है। जाइकोव (ZyCov) नाम की इस वैक्सीन को अहमदाबाद की कंपनी जायडस कैडिला ने बनाया है। यह एक 'प्लाज्मिड डीएनए' वैक्सीन है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
रूस की सेचेनोव यूनिवर्सिटी ने भी वैक्सीन बना लेने का दावा किया है। Gam-COVID-Vac Lyo नाम की इस वैक्सीन के सितंबर तक बाजार में उपलब्ध हो जाने का दावा किया जा रहा है। 
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