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Coronavirus: ब्रिटेन में शुरू तो हो गया टीकाकरण, लेकिन अगली सर्दियों में भी करना पड़ सकता है ऐसा

Wed, 09 Dec 2020 02:15 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दुनियाभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या अब छह करोड़ 85 लाख के पार हो गई है जबकि 15 लाख 63 हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। ब्रिटेन में भले ही संक्रमण कम हो, लेकिन वहां अब वैक्सीन मिलने लगी है, जिसका इंतजार कई महीनों से लोग कर रहे थे, लेकिन ब्रिटेन के ही एक जाने-माने विशेषज्ञ का कहना है कि हम भले ही वैक्सीन लाने वाले पहले देश बन गए हैं और निश्चित तौर पर यह बहुत बड़ी कामयाबी है, लेकिन इसके साथ ही हमें इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि हम लापरवाह न बनें। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि वैक्सीन के बावजूद अगली सर्दियों में भी ब्रिटेन के लोगों को मास्क लगाना पड़े। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दरअसल, लापरवाही से बचने की यह सलाह ब्रिटेन की सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार पैट्रिक वालेंस ने दी है। 'द टेलिग्राफ' अखबार से बातचीत में उन्होंने कहा कि टीकाकरण के साथ ही अगर लोग सावधानी रखेंगे तो यह उनके लिए और भी बेहतर होगा। इसके साथ ही प्रतिबंध भी लागू रहेंगे, क्योंकि फिलहाल इनका कोई विकल्प नहीं है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इससे पहले अक्तूबर में भी पैट्रिक वालेंस ने एक डराने वाली चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि उन्हें लगता है कोरोना वायरस वैक्सीन से भी खत्म नहीं होगा और सामान्य फ्लू की तरह ही हर साल इसके संक्रमण के मामले सामने आते रहेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि वैक्सीन लेने से संक्रमण की संभावना कम तो होगी और वायरस की वजह से होने वाली बीमारियों की रफ्तार भी कम हो जाएगी।

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स्वास्थ्यकर्मी से बात करतीं मारग्रेट कीनान - फोटो : PTI
हालांकि पैट्रिक वालेंस ने कहा था कि वैक्सीन अगले साल मार्च से पहले नहीं मिलेगी जबकि ब्रिटेन में तो टीकाकरण शुरू भी हो गया। टीकाकरण की शुरुआत एक 90 वर्षीय महिला के साथ हुई। उत्तरी आयरलैंड की रहने वाली मारग्रेट कीनान को मंगलवार को फाइजर/बायो-एन-टेक की वैक्सीन दी गई। वह दुनिया की पहली ऐसी शख्स बन गई हैं, जिन्हें फाइजर की ये पूर्ण विकसित वैक्सीन दी गई है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
90 वर्षीय मारग्रेट कीनान के अलावा उत्तर-पूर्वी इंग्लैंड के भारतीय मूल के 87 वर्षीय डॉ. हरि शुक्ला और उनकी 83 वर्षीय पत्नी रंजन को भी मंगलवार को कोरोना की वैक्सीन दी गई। वो दुनिया के भारतीय मूल के पहले दंपति बने हैं, जिन्हें कोविड-19 का टीका दिया गया है। हालांकि आपको बता दें कि ब्रिटेन में वैक्सीन लगवाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना से बचने के लिए यह जरूरी तो है।   
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