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Coronavirus Vaccine: कोरोना की वैक्सीन सबसे पहले किन्हें दी जाएगी, स्वास्थ्यकर्मियों को मिलेगी प्राथमिकता?

Sat, 01 Aug 2020 01:55 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Vaccine - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस की वैक्सीन (Coronavirus vaccine) को लेकर दुनियाभर में 150 से ज्यादा कैंडिडेट्स पर काम हो रहा है। इनमें से 21 से ज्यादा वैक्सीन क्लिनिकल ट्रायल के अलग-अलग चरणों में है, जबकि करीब पांच वैक्सीन सफलता के बिल्कुल नजदीक हैं। रूस इसी महीने वैक्सीन उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है, तो दूसरी ओर चीन ने भी जल्द ही दो वैक्सीन तैयार करने का दावा किया है। इधर, अमेरिका में एक वैक्सीन का 30 हजार लोगों पर ह्यूमन ट्रायल शुरू हुआ है, तो दूसरी ओर मॉडर्ना कंपनी की वैक्सीन भी क्लिनिकल ट्रायल में बेहतर रिजल्ट दे रही है। भारत में COVAXIN के अलावा जायडस कैडिला की वैक्सीन भी ह्यूमन ट्रायल के फेज में है। वहीं, ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन का भारतीय कंपनी सीरम इंडिया कोविशील्ड नाम से दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल करने की तैयारी में है। इन तमाम अच्छी खबरों के बाद एक जो सबसे महत्वपूर्ण सवाल है, वह यह है कि वैक्सीन सबसे पहले किन्हें मिलेगी?
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COVAXIN - फोटो : ICMR
कोरोना की वैक्सीन को लेकर देश में तेजी से काम हो रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। आईसीएमआर और भारत बायोटेक द्वारा निर्मित COVAXIN ह्यूमन ट्रायल के पहले और दूसरे चरण में है। इस वैक्सीन का देश के कई संस्थानों में ट्रायल चल रहा है। बड़ी संख्या में लोगों ने वॉलेंटियर्स बनने को पंजीकरण कराया। इसके अलावा अहमदाबाद की फार्मा कंपनी जायडस कैडिला की वैक्सीन भी ह्यूमन ट्रायल में है। देसी वैक्सीनों के अलावा ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी वाली वैक्सीन के ट्रायल के लिए भारतीय कंपनी सीरम इंस्ट्यिूट ऑफ इंडिया ने भारतीय औषधि महानियंत्रक को आवेदन किया है। जल्द ही इसका ट्रायल शुरू होगा। 
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Oxford vaccine Update - फोटो : Amar Ujala
  • भारतीय कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट दुनिया की अग्रणी वैक्सीन निर्माता कंपनियों में से एक है। एक बार वैक्सीन फाइनल हो जाने के बाद कंपनी ने काफी कम समय में करोड़ों डोज तैयार कर लेने का दावा किया है। इस रेस में कोई भी वैक्सीन आगे निकल जाए, लेकिन वैक्सीन तैयार हो जाने के बाद अहम सवाल यह है कि यह सबसे पहले किसे मिलेगी! खबरों के मुताबिक, इसको लेकर सरकारी स्तर पर चर्चा चल रही है। 

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Coronavirus Vaccine Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • वैक्सीन देने की प्राथमिकता को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बीते गुरुवार को ये कहा था कि इस बारे में अबतक कोई आखिरी निर्णय नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने साथ में इशारा जरूर कर दिया कि स्वास्थ्य कर्मियों को प्राथमिकता मिल सकती है। उन्होंने कहा था कि सरकार के बाहर, इस बात पर सहमति बन रही है कि वैक्सीन पर स्वास्थ्यकर्मियों का दावा सबसे ज्यादा बनता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा था कि वैक्सीन पर प्राथमिकता को लेकर यह भी दिखेगा कि समाज और देश उस काम की कितनी सराहना करता है जो इन फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों ने की है। इसका फायदा आम लोगों को भी पहुंचेगा। कारण कि वैक्सीन से सुरक्षित होकर स्वास्थ्यकर्मी सेवा में डटे रहेंगे और उनकी कहीं शॉर्टेज भी नहीं होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
स्वास्थ्यकर्मियों के बाद किन्हें मिल सकती है वैक्सीन?
  • वैक्सीन बनने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों को ही सबसे पहले मिलेगी, इसपर अभी कोई निर्णय तो नहीं लिया गया है, लेकिन उन्हें दिए जाने पर आम राय बनती दिख रही है। कोई प्रॉयरिटी लिस्ट नहीं बनी है, लेकिन अगर बनी तो स्वास्थ्यकर्मियों के बाद उसमें दूसरा नंबर किसका होगा? इसपर स्वास्थ्य सचिव ने कहा था कि बुजुर्ग, अन्य बीमारियों से ग्रस्त और ऐसे लोग जिन्हें न कोई अन्य बीमारी है, न ही बुजुर्ग हैं लेकिन उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति ठीक हैं, ऐसे लोग हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन सब बातों पर विचार हो रहा है। 
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कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI
विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना क्या है? 
  • कोरोना की वैक्सीन पूरी दुनिया को चाहिए, इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) वैश्विक स्तर पर समन्वय कर रहा है। खबरों के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा है कि एक बार कोरोना की वैक्सीन बन जाए तो वह पूरी मानवता को मिलनी चाहिए। डब्ल्यूएचओ यह मानकर चल रहा है कि वैक्सीन की शुरुआती डोज सभी देशों में पहुंचाई जाए, ताकि सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण किया जा सके। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • डॉ. खेत्रपाल के मुताबिक, वैक्सीन जल्दी मिलना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है बराबरी से मिलना। उन्होंने बताया कि इसके लिए डब्ल्यूएचओ ने एक्सेस टू कोविड-19 टूल (ACT) एक्सीलरेटर लॉन्च किया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी कोई सूची अप्रूव नहीं है कि वैक्सीन किसे पहले दी जाएगी, लेकिन उस सूची में दूसरे नंबर पर ज्यादा जोखिम वाले मरीज होंगे। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
  • स्वास्थ्यकर्मियों और ज्यादा जोखिम वाले मरीजों के बाद वैक्सीन किसको दी जाएगी, इसपर उन्होंने कहा कि यह देशों की जनसंख्या पर खतरे के हिसाब से तय हो सकता है। मालूम हो कि भारत में कोविड-19 टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ वीके पॉल के मुताबिक, देश में कोविड-19 वैक्सीन के विकास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद रुचि ले रहे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आईसीएमआर ने बताई है अहम बातें
  • इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने वैक्सीन की डिलिवरी के चार महत्वपूर्ण पहलू बताए हैं। उनके मुताबिक, पहले नंबर पर प्राथमिकता और निष्पक्ष वितरण इसका ध्येय होना चाहिए। दूसरा वैक्सीन रोल-आउट के लॉजिस्टिक्स, तीसरा स्टॉकपाइलिंग और चौथे नंबर पर जरूरी है, स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण। उनका कहना है कि भारत वैश्विक स्तर पर बेहद अहम भूमिका निभाएगा। 
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