फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलर्ट: कोरोना से ठीक होने पर नजर आ रहे हैं ये लक्षण, तो भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं ब्लैक फंगस का शिकार

Sat, 29 May 2021 01:04 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
डॉ राजेश मुंडेजा
जनरल फिजीशियन
अनुभव- 25 वर्ष से ज्यादा

Medically Reviewed by Dr. Rajesh Mundeja

कोरोना की दूसरी लहर में भले ही काफी संख्या में केस सामने आ रहे हैं, लेकिन ठीक होने वाले मरीज भी काफी हैं। लेकिन इन मरीजों में फंगल इंफेक्शन के मामले देखे जा रहे हैं, जिसकी वजह से इन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। कोरोना इलाज के दौरान जिन मरीजों को ऑक्सीजन और स्टेरॉयड की ज्यादा मात्रा दी गई है, जो लोग लंबे समय तक आईसीयू में रहे, जिन लोगों का शुगर बढ़ा हुआ है और वो अपनी मर्जी से दवाएं ले रहे हैं आदि। इन सभी को ब्लैक फंगस होने का खतरा ज्यादा होता है। तो चलिए आपको कुछ लक्षण बताते हैं, जिन्हें आपको नजरअंदाज नहीं करना है क्योंकि अगर आप ऐसा करते हैं तो हो सकता है कि ऐसा करना आपको भारी पड़ जाए।
विज्ञापन

2 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सिर दर्द का लगातार होना
  • जो लोग कोरोना को मात देकर लौटे हैं, अगर उन्हें अपने सिर में दर्द लगे और ये दर्द लगातार हो रहा है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे में ये ब्लैक फंगस का शुरुआती लक्षण हो सकता है, क्योंकि फंगस नाक के जरिए हमारे दिमाग तक पहुंच सकता है। ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विज्ञापन

3 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
नाक का रंग बदलना और पपड़ी का जमना
  • सर्दियों में हम देखते हैं कि ठंड की वजह से हमारी नाक का रंग बदल जाता है और वो लाल हो जाती है, साथ ही नाक में काली पपड़ी भी जम जाती है। हालांकि, ऐसा ठंड की वजह से होता है। लेकिन अगर अभी आपको ऐसा महसूस हो रहा है और आपकी नाक में ये बदलाव देखने को मिल रहा है, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से मिलना बेहतर विकल्प है।

4 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आंखों में भारीपन
  • वहीं, ब्लैक फंगस का असर हमारी आंखों पर भी साफ देखा जाता है। अगर आपकी आंखें लाल हो रही हैं, आंखों में भारीपन है, आंखों में दर्द है, आंखों से लगातार पानी बह रहा है आदि। ऐसी स्थिति में हो सकता है कि ये लक्षण ब्लैक फंगस के हो। इसलिए आपको समय रहते डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विज्ञापन

5 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
नाक का बंद होना
  • जब ब्लैक फंगस हमारे शरीर पर हमला करता है, तो ये सबसे पहले हमारी नाक के जरिए ही हमारे शरीर में घुसने का अपना रास्ता बनाता है। वहीं, गंभीर मामलों में देखा जाता है कि ये हमारे फेफड़ों पर भी अटैक कर देता है। ऐसे में अगर आपकी नाक बंद हो रखी है, आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है या सांस से जुड़ी अन्य दिक्कतें हो रही हैं तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
विज्ञापन

6 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दांतों पर असर
  • अगर आपके दांतों पर कुछ असर दिख रहा है, जैसे- दांतों का ढीला होना, दांतों का कमजोर होना, जबड़े से जुड़ी दिक्कतें आदि। इन लक्षणों को भी आपको कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इन्हें भी ब्लैक फंगस के लक्षणों के तौर पर ही देखा जाता है। ऐसे में अगर आपको अपने शरीर में ये लक्षण दिखें, तो तुरंत अपने डॉक्टर को इस बारे में बताएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
चेहरे पर एक तरफ सूजन आना
  • डॉक्टर्स मानते हैं कि चेहरे पर एक तरफ सूजन आना, दर्द होना और नीचे की तरफ भारीपन महसूस होना ब्लैक फंगस का लक्षण हो सकता है। नेक्रोसिस के कारण हमारी स्किन लाल हो सकती है। ऐसे में इस लक्षण को नजरअंदाज करने की जगह पर हमें डॉक्टर से मिलना चाहिए, ताकि अगर ऐसा कुछ है तो उसका समय रहते इलाज किया जा सके।

नोट: डॉक्टर राजेश मुंडेजा, सऊदी अरब, मॉरीशस, मालदीव और भारत सहित विभिन्न देशों में काम करने के साथ 25+ वर्षों के अनुभव वाले एक जाने-माने चिकित्सक हैं। इन्होंने बीकानेर के एसपी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमडी की डिग्री प्राप्त की है। इसके साथ इन्होंने सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय में चिकित्सा विशेषज्ञ के रूप में काम किया है, और उजाला सिग्नस अस्पताल में शामिल होने से पहले आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के महामृत्युंजय अस्पताल में निर्देशक , वरिष्ठ सलाहकार चिकित्सक और चिकित्सा विभाग के प्रमुख रहे हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें