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Ringing In Ears: अचानक कान में बजने लगती है सीटी? कहीं ये टिनिटस की समस्या तो नहीं

Sun, 20 Jul 2025 05:57 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर कुछ लोगों के कान में सीटी बजने लगती है। इस समस्या को मेडिकल के भाषा में टिनिटस कहते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि आखिर कान में सीटी क्यों बजता है? साथ ही ये भी जानेंगे कि इससे बचाव का उपाय क्या है?
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कम सुनाई देने की समस्या - फोटो : Freepik.com
Tinnitus Symptoms Ears: क्या आपने कभी महसूस किया है कि अचानक आपके कान में अजीब-सी आवाजें गूंजने लगती हैं? जैसे सीटी बजना, एक हल्की भिनभिनाहट, या कोई ऐसी ध्वनि जो बाहर मौजूद ही नहीं है? यह एक आम अनुभव है जिसे मेडिकल भाषा में टिनिटस कहा जाता है। यह आवाज कुछ पल के लिए आए और चली जाए, लेकिन ये टिनिटस आपके शरीर के अंदर छिपी किसी अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या का पहला संकेत हो सकती है। इसे महज एक सामान्य अनुभव मानकर नजरअंदाज करना आपके समग्र सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए इस समस्या के बारे में जानना बहुत जरूरी है।

क्या है टिनिटस?
टिनिटस का मतलब है आपके कानों में ऐसी आवाजें सुनना जो किसी बाहरी स्रोत से नहीं आ रही हैं। ये आवाजें अलग-अलग तरह की हो सकती हैं, जैसे लगातार सीटी बजना, घंटी बजने जैसी आवाज आना, भिनभिनाहट सुनाई देना, क्लिक की आवाज आना या फुसफुसाहट महसूस होना, आदि। यह कई बार एक कानों में और कुछ केस में दोनों कानों में हो सकता है और इसकी तीव्रता भी अलग-अलग हो सकती है। 
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कम सुनाई देने की समस्या - फोटो : Freepik.com
कैसे होता है टिनिटस?
टिनिटस मूल रूप से सुनने की प्रक्रिया में किसी गड़बड़ी का लक्षण है। यह कान के भीतर की संवेदनशील कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने, तंत्रिकाओं की समस्या, या यहां तक कि मस्तिष्क के उन हिस्सों में असामान्यता के कारण भी हो सकता है जो आवाजों को प्रोसेस करते हैं। अब आइए टिनिटस होने के सामान्य कारण के बारे में जानते हैं।

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इयर केयर - फोटो : Adobe Stock
टिनिटस के सामान्य कारण
टिनिटस के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ बहुत आम हैं-

तेज आवाज का एक्सपोजर
तेज शोर के बीच देर तक रहना, हेडफोन में तेज आवाज में म्यूजिक सुनना, जोरदार मशीनरी के बीच रहना टिनिटस की समस्या का मुख्य कारण है। इसके साथ ही शोर या पटाखों की आवाज से कान में थोड़े समय के लिए सीटी बन सकती है।

उम्र से संबंधित सुनवाई का नुकसान
उम्र बढ़ने के साथ सुनने की क्षमता का स्वाभाविक रूप से कम होने लगती है, इस स्थिति में भी टिनिटस की समस्या देखने को मिलती है।

कान का मैल
कान में गंदगी होना या कान के मध्य में तरल पदार्थ का जमा होना भी टिनिटस पैदा कर सकता है।

मेनियर रोग
मेनियर रोग एक आंतरिक कान का विकार है जिसके कारण चक्कर आना, कानों में बजना (टिनिटस), सुनने में कमी और कान में दबाव या भारीपन महसूस होता है।

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इयर केयर - फोटो : Adobe Stock
इन बीमारियों का संकेत हो सकता है-
कुछ मामलों में, टिनिटस अधिक गंभीर अंतर्निहित स्थितियों का संकेत हो सकता है-

रक्त वाहिका विकार
रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याएं जैसे एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों का संकरा होना) या सिर और गर्दन में रक्त वाहिकाओं का असामान्य होना, कान के पास रक्त प्रवाह में बदलाव करके टिनिटस पैदा कर सकता है।

टीएमजे डिसऑर्डर
जबड़े के जोड़ (टेम्पोरोमैंडिबुलर ज्वाइंट) में समस्याएं भी कान में टिनिटस पैदा कर सकता है।

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इयरफोन से कानों को नुकसान - फोटो : Freepik.com
बचाव के उपाय
जीवनशैली में बदलाव भी महत्वपूर्ण हैं। तेज आवाज से बचें या ऐसी स्थिति में ईयरप्लग का इस्तेमाल करें। साथ ही, कैफीन, शराब और धूम्रपान से परहेज करें। तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान करें। ये सभी तरीके टिनिटस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। यह समझना जरूरी है कि कई बार टिनिटस को हम पूरी तरह नहीं खत्म कर पाते हैं, लेकिन सही प्रबंधन तकनीकों के साथ इसके प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है, जिससे आप एक बेहतर जीवन जी सकते हैं। अगर आपको लंबे समय से लगातार टिनिटस महसूस हो रहा है तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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