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अलर्ट: कोरोना ही नहीं इन वजहों से भी हो सकती है सीने में जकड़न, जानिए कैसे पाएं इससे आसानी से छुटकारा?

Sun, 16 Jan 2022 06:01 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सीने में जकड़न की समस्या क्यों होती है - फोटो : iStock
कोरोना के इस दौर में सर्दी-जुकाम के साथ सीने में जकड़न को संक्रमण का प्रमुख लक्षण माना जा रहा है। क्या आप भी लगातार कफ और खांसी के साथ छाती में जकड़न की समस्या से परेशान हैं? अगर हां, तो जरूरी नहीं है कि यह सिर्फ कोरोना की वजह से ही हो रहा हो। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कई सारी अन्य स्थितियों में भी छाती में इस तरह की समस्या हो सकती है, ऐसे में कारण का समय पर निदान किया जाना आवश्यक हो जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक छाती में भारीपन या जकड़न की समस्या, कोरोना संक्रमण के अलावा अस्थमा, किसी प्रकार के संक्रमण या एलर्जी के कारण भी हो सकती है। इसके अलावा ठंड के इस मौसम के कारण भी कुछ लोगों में इस तरह की शिकायतें देखने को मिल सकती हैं। यदि आपमें भी कुछ दिनों से इस तरह की समस्या बनी हुई है तो समय पर किसी डॉक्टर से मिलकर स्थिति का सही निदान करना आवश्यक हो जाता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि आखिर किन अंतर्निहित स्थितियों में छाती में जकड़न और बलगम की अधिकता हो सकती है, साथ ही इससे किस तरह से राहत पाया जा सकता है?
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छाती में जकड़न की समस्या - फोटो : Pixabay
छाती में जकड़न की समस्या के कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सर्दी या फ्लू जैसे वायरस से संक्रमण की स्थिति में भी छाती में जमाव या भारीपन होना सबसे अधिक सामान्य माना जाता है। ऊपरी श्वसन पथ में संक्रमण बढ़ने की स्थिति में इस तरह की समस्या का खतरा अधिक होता है, यही कारण है कि कोरोना संक्रमण के कारण भी लोगों को छाती में इस तरह की समस्याएं अधिक हो रही हैं।
समान्यतौर पर सर्दी-जुकाम के कारण होने वाली छाती में जकड़न की समस्या 7-10 दिनों में ठीक हो जाती है, हालांकि क्रोनिक ब्रोंकाइटिस जैसी समस्या को ठीक होने में तीन-चार महीने तक का भी समय लग सकता है। आइए जानते हैं कि छाती की इस तरह की समस्याओं से राहत कैसे पाया जा सकता है?
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गर्म चीजों का करें सेवन - फोटो : Pixabay
आराम करें और तरल पदार्थ पिए
डॉक्टर कहते हैं,  फ्लू के कारण छाती में होने वाले जमाव की स्थिति में रोगियों को अक्सर जितना संभव हो उतना तरल पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है। शरीर को हाइड्रेट रखने के अलावा, तरल पदार्थ का सेवन बलगम को ढीला करने और जमाव को कम करने में भी मदद कर सकता है। गर्म पानी पीना इसमें आपके लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। हाइड्रेशन के साथ शरीर को पर्याप्त आराम भी देना जरूरी है।

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स्वच्छ हवा में सांस लें - फोटो : iStock
ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें
ठंडी और शुष्क हवा के कारण भी छाती में जमाव की दिक्कत  बढ़ सकती है। कुछ स्थितियों में इस तरह की समस्या सांस लेने में भी दिक्कत का कारण बन सकती है। इसलिए लक्षणों को कम करने के लिए इनडोर हवा को साफ रखें और इसे नम बनाने के लिए ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें।
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औषधियों का सेवन भी माना जाता है फायदेमंद - फोटो : iStock
घरेलू उपाय भी होते हैं फायदेमंद
छाती की जकड़न और बलगम की समस्या को कम करने में कई तरह के घरेलू उपायों को प्रयोग में लाना भी फायदेमंद हो सकता है। इसमें काढ़े का सेवन, दिन में कई बार गर्म पानी और गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। अदरक, काली मिर्च और लौंग जैसी आयुर्वेदिक औषधियां भी इस समस्या में राहत देती हैं। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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