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Artificial Sugar: चीनी से ज्यादा हानिकारक हैं कृत्रिम मिठास वाली चीजें, इनसे कैंसर से लेकर डीएनए क्षति का खतरा

Tue, 06 Jun 2023 01:12 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आर्टिफिशियल शुगर हो सकते हैं हानिकारक - फोटो : iStock
चीनी या इससे तैयार उत्पादों का अधिक सेवन हमारे शरीर के लिए कई प्रकार से हानिकारक हो सकते हैं। इससे सबसे ज्यादा खतरा डायबिटीज रोगियों को माना जाता है क्योंकि ये न सिर्फ ब्लड शुगर के स्तर पर बढ़ा देती हैं साथ ही मोटापे का भी कारण बनती है, ये दोनों स्थितियां कई प्रकार की जटिलताओं वाली हो सकती हैं। यही कारण है कि ज्यादार लोग वजन और डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए आर्टिफिशियल शुगर का इस्तेमाल करते हैं।

आर्टिफिशियल शुगर या शुगर सब्स्टिट्यूट, चीनी का एक विकल्प हैं, जो इसी की तरह मिठास देते हैं, जबकि इसमें चीनी आधारित मिठास की तुलना में कैलोरी बहुत निम्न होती है। हालांकि अध्ययनों में इन शुगर सब्स्टिट्यूट को सेहत के लिए सुरक्षित नहीं पाया गया है।

अध्ययनकर्ता कहते हैं, भले ही आप चीनी के कारण होने वाले दुष्प्रभावों से बचाव के लिए शुगर सब्स्टिट्यूट का इस्तेमाल कर रहे हैं पर आश्चर्यजनकरूप से ये शरीर के लिए चीनी से भी कहीं ज्यादा नुकसानदायक हो सकते हैं। 
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कैंडी में आर्टिफिशियल शुगर की मात्रा - फोटो : getty images
आहार में आर्टिफिशियल शुगर

आर्टिफिशियल शुगर से होने वाले नुकसान को जानने से पहले यह समझना जरूरी है कि हमारे दैनिक खानपान में ये किस तरह से शामिल है? कृत्रिम मिठास का इस्तेमाल कई पेय और खाद्य पदार्थों जैसे फ्रोजन डेसर्ट, कैंडी, च्युइंग गम, नाश्ते वाली चीजों, जिलेटिन आदि में किया जाता रहा है। बहुत से लोग इसका इस्तेमाल दैनिक कैलोरी इंटेक को कम करने के लिए भी कर रहे हैं।हालांकि इससे होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर शोधकर्ताओं ने अलर्ट किया है। 
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आर्टिफिशियल शुगर के कारण डीएनए पर असर - फोटो : iStock
आर्टिफिशियल शुगर डीएन क्षति का बन सकते हैं कारण

आर्टिफिशियल शुगर शरीर को किस प्रकार से नुकसान पहुंचा रहे हैं इसको लेकर जर्नल ऑफ़ टॉक्सिकोलॉजी एंड एनवायरनमेंटल हेल्थ में एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। इसके मुताबिक इसमें सुक्रालोज 6-एसीटेट नाम का एक रसायन पाया गया है जो संभावित रूप से आपके डीएनए को नुकसान पहुंचा सकता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि ये रसायन "जीनोटॉक्सिक" हो सकता है, जिसका अर्थ है कि यह कोशिकाओं के भीतर जेनेटिक इंफर्मेशन को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा आंतों के लिए भी ये सब्स्टिट्यूट हानिकारक पाए गए हैं। 

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आंतो के लिए हानिकारक - फोटो : Istock
आंतों और हृदय स्वास्थ्य पर असर

आंतों पर इस रसायन के क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं इसे जानने के लिए किए गए अध्ययन में पाया गया कि सुक्रालोज से आंत की परत को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, आंत की कोशिकाओं की आनुवंशिक गतिविधि के अवलोकन में पाया गया कि यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, सूजन और कैंसर जैसी समस्याओं के जोखिम को भी बढ़ाने वाला हो सकता है।

अध्ययन के परिणाम में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कृत्रिम मिठास वाली चीजों के हानिकारक दुष्प्रभाव आंतों के साथ हृदय रोग के जोखिमों को भी बढ़ाने वाला हो सकता है। 
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चीनी हो या कृत्रिम मिठास वाली चीजें दोनों नुकसानदायक - फोटो : getty images
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

फिलीपींस के एक रिसर्च सेंटर में मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. डेनिएल लियोनार्डो कहते हैं, कृत्रिम मिठास वाली चीजों के कार्सिनोजेनिक प्रभाव यानी कैंसर पैदा करने वाले दुष्प्रभावों को लेकर पहले कई अध्ययनों में चर्चा होती रही है। इस अध्ययन में एक ऐसे रसायन के बारे में पता चला है जो डीएनए को क्षति पहुंचा सकता है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि भले ही चीनी के दुष्प्रभावों से बचने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है पर वास्तव में यह शरीर के लिए कहीं ज्यादा हानिकारक प्रभावों वाला हो सकता है। 

समग्र स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए विशेषज्ञ, आहार के स्वस्थ पैटर्न का पालन करने की सलाह देते हैं। इसमें प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों और चीनी की मात्रा को सीमित करने पर विशेष जोर दिया जाता रहा है।


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स्रोत और संदर्भ 
Toxicological and pharmacokinetic properties of sucralose-6-acetate and its parent sucralose: in vitro screening assays

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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