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Cervical Cancer: विशेषज्ञों ने बताए इस जानलेवा कैंसर से बचाव के दो सबसे कारगर तरीके, सभी महिलाओं के लिए जरूरी

Sat, 30 Mar 2024 05:16 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सर्वाइकल कैंसर के जोखिम - फोटो : Agency (File Photo)
कैंसर, वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक रहा है। हर साल लाखों लोगों की मौत कई प्रकार के कैंसर के कारण हो जाती है। पुरुषों में लंग्स और प्रोस्टेट कैंसर जबकि महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। आनुवांशिकता के अलावा लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी को कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता रहा है, स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को इस गंभीर रोग से बचाव के लिए निरंतर उपाय करते रहने की आवश्यकता है।

सर्वाइकल कैंसर के मामले पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। सर्वाइकल कैंसर, महिलाओं के सर्विक्स (योनि को गर्भाशय से जोड़ने वाला हिस्सा) में विकसित होता है। इस कैंसर के ज्यादातर मामले (99%) ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के संक्रमण से संबंधित माने जाते हैं, जो यौन संपर्क के माध्यम से फैलने वाला एक बेहद आम वायरस है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस कैंसर से बचाव के लिए दो उपाय करते रहना सभी महिलाओं के लिए बहुत आवश्यक हैं। इसकी मदद से आप कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं।
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सर्वाइकल कैंसर का खतरा - फोटो : Pixabay
सर्वाइकल कैंसर बड़ा स्वास्थ्य जोखिम

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सर्वाइकल कैंसर महत्वपूर्ण वैश्विक स्वास्थ्य चिंता बनी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर दुनियाभर में महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे आम कैंसर है। अकेले साल 2020 में अनुमानित 604,000 नए मामले सामने आए और 342,000 मौतें दर्ज की गईं। हालांकि इसमें से अधिकतर मामलों को रोका जा सकता है।

दो उपाय- स्क्रीनिंग और टीकाकरण, इस गंभीर कैंसर के खतरे को कम करने और वैश्विक स्तर पर मृत्युदर से बचाने में विशेष लाभकारी साबित हो सकती हैं। कम उम्र से ये दोनों प्रयास वैश्विक स्तर पर होने वाले इस घातक कैंसर के खतरे से बचाने में मददगार हो सकते हैं।
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सर्वाइकल कैंसर की जांच - फोटो : istock
नियमित स्क्रीनिंग जरूरी

कैंसर से बचाव के लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से इसकी स्क्रीनिंग कराते रहें। सर्वाइकल कैंसर जैसे गंभीर मामलों में ये और भी आवश्यक हो जाता है। सर्वाइकल कैंसर की जांच में  पैप परीक्षण सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें किसी भी असामान्यता का पता लगाने के लिए कोशिकाओं की जांच की जाती है। एक अन्य प्रभावी स्क्रीनिंग विधि एचपीवी परीक्षण है, जो सर्वाइकल कैंसर का कारण बनने वाले एचपीवी स्ट्रेन्स की उपस्थिति का पता लगाने में मदद करती है। इसकी मदद से जाना जा सकता है कहीं आपमें कैंसर का खतरा तो नहीं है?

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एचपीवी टीकाकरण - फोटो : iStock
एचपीवी वैक्सीन से मिल सकता है लाभ

चूंकि सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण एचपीवी वायरस के कारण होने वाला संक्रमण है, इसलिए एचपीवी वैक्सीनेशन से इस कैंसर की रोकथाम में मदद मिल सकती है। एचपीवी के खिलाफ टीकाकरण, कैंसर के खिलाफ सुरक्षा की एक और परत प्रदान करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यौन रूप से  सक्रिय होने से पहले लड़कियों को एचपीवी का टीका लगा लेना चाहिए। 

डब्ल्यूएचओ कहता है 9 से 14 वर्ष की आयु की लड़कियों का टीकाकरण कराने से उन्हें इस घातक प्रकार के कैंसर से बचाव में मदद मिल सकती है। 
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सर्वाइकल कैंसर के जोखिम कारक - फोटो : istock
इन उपायों पर भी गंभीरता से दें ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टीकाकरण और स्क्रीनिंग सर्वाइकल कैंसर को रोकने के सबसे प्रभावी तरीके हैं, इसके अलावा जीवनशैली में भी कुछ प्रकार के बदलाव करके कैंसर के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए जरूरी है कि सुरक्षित यौन संबंध बनाए जाएं। अध्ययनों में पाया गया है कि धूम्रपान से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है और सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए जरूरी है कि धूम्रपान से दूरी बनाई जाए। जिन लोगों के परिवार में पहले से कैंसर का जोखिम चला आ रहा है उन्हें और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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