मस्कुलर डिस्ट्रॉफी की समस्या
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दुलर्भ बीमारियों के बारे में जानिए
फिलहाल 6,000-8,000 वर्गीकृत दुर्लभ बीमारियां हैं, हालांकि इनमें से 5% से कम के लिए ही उपचार उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए लाइसोसोमल स्टोरेज डिसऑर्डर (एलएसडी), पोम्पे रोग, सिस्टिक फाइब्रोसिस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्पाइना बिफिडा, हीमोफिलिया आदि। लगभग 95% दुर्लभ बीमारियों का फिलहाल कोई स्वीकृत उपचार नहीं है।
चिंताजनक बात यह भी है कि केवल 10 में से 1 रोगी को ही विशिष्ट उपचार प्राप्त हो पाता है। उपचार न मिल पाने का प्रमुख कारण दवाइयों-मेडिकल उपकरणों की अनुपलब्धता और इनका अधिक खर्च भी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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