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Heart Attack: दिन के किस समय हार्ट अटैक का होता है सबसे ज्यादा खतरा? हृदय रोग विशेषज्ञ ने दी इसकी जानकारी

Sun, 07 Sep 2025 06:53 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • अगर आपको लगता है कि हार्ट अटैक कभी भी हो सकता है तो ये सही है, पर ये भी जानना जरूरी है कि दिन के कुछ विशेषज्ञ घंटों में इसका जोखिम कई गुना अधिक हो सकता है। 
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हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Freepik.com
हाल के वर्षों में सभी उम्र के लोगों में हृदय रोग-हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है। आए दिन अखबारों में हार्ट अटैक और इससे मौत की खबरें सुर्खियों में रही हैं। ये ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, असंतुलित खान-पान और नींद की कमी ने दिल पर दबाव इतना बढ़ा दिया है कि अचानक होने वाले हार्ट अटैक अब आम हो गए हैं।

हार्ट अटैक को लेकर लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं। ये फिटनेस फ्रीक लोगों में क्यों इतना बढ़ता जा रहा है, कम उम्र के लोग इसका शिकार क्यों हो रहे हैं और दिन के किस समय हार्ट अटैक का खतरा सबसे अधिक होता है? 

शोध बताते हैं कि हार्ट अटैक का खतरा दिनभर समान नहीं रहता, बल्कि एक खास समय में ये आशंका कई गुना बढ़ जाती है। इसकी वजह है  शरीर का बायोलॉजिकल क्लॉक यानी सर्कैडियन रिदम। किस समय हार्ट अटैक सबसे ज्यादा होता है, आइए इस बारे में डॉक्टर से विस्तार से समझते हैं।
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हार्ट अटैक और इसके जोखिम - फोटो : Adobe stock photos
हार्ट अटैक का खतरा

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दिमित्री यारानोव बताते हैं, अगर आपको लगता है कि हार्ट अटैक कभी भी हो सकता है तो ये सही है, पर ये भी जानना जरूरी है कि दिन के कुछ विशेषज्ञ घंटों में इसका जोखिम कई गुना अधिक हो सकता है। ये समय है भोर का।

हृदय रोग विशेषज्ञ के कहते हैं ज्यादातर लोग सोचते हैं कि दिल का दौरा अचानक पड़ता है। हालांकि इसका सबसे ज्यादा खतरा सुबह के शुरुआती घंटों में होता है, जब आप अभी बिस्तर पर होते हैं।

 
पर इसके पीछे कारण क्या है?
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हार्ट अटैक के बढ़ते मामले - फोटो : Freepik.com
सुबह के समय क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का जोखिम

डॉक्टर दिमित्री कहते हैं, रात की समाप्ति और प्रात: काल वह समय होता है जब कोर्टिसोल जैसे तनाव हार्मोन बढ़ जाते हैं, रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और रक्तचाप बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से ही उच्च रक्तचाप या धमनियों में प्लाक की दिक्कत रही है उनके लिए यह समय सबसे खतरनाक हो सकता है।

अगर आप दवाइयां लेना छोड़ देते हैं या ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा हुआ रहता है तो इससे हार्ट अटैक का जोखिम और भी बढ़ सकता है।

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दवाओं के इस्तेमाल को लेकर सावधानी जरूरी - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर की दवा समय पर लें

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार रक्तचाप की दवा सुबह की बजाय रात में लेने से ज्यादा फायदा हो सकता है। रिपोर्ट में 19,000 से अधिक मरीजो पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि दवा को रात में खाया जाए तो इसका अगले 8-10 घंटे असर रहता है जिससे हृदय संबंधी मृत्यु और बीमारियों का खतरा लगभग आधा हो जाता है।

हालांकि ये आपकी सेहत को देखते हुए डॉक्टर निर्धारित करते हैं कि आपको किस समय दवा लेनी चाहिए।
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हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : adobe stock images
हृदय रोगों की डराने वाली रिपोर्ट

हृदय रोगों के बढ़ते खतरे को लेकर हाल ही में रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के तहत किए गए सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे की रिपोर्ट में विशेषज्ञों की टीम ने बताया कि भारत में होने वाली सभी मौतों में से एक-तिहाई का कारण हृदय रोग हैं। दिल की बीमारियां देश में मृत्यु दर का प्रमुख कारण बनी हुए हैं, जो लगभग 31 प्रतिशत मौतों के लिए जिम्मेदार हैं।

विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि जिस तरह से लोगों की दिनचर्या, खानपान में गड़बड़ी देखी जा रही है इससे आशंका है कि ये आंकड़े और भी बढ़ सकते हैं। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
 

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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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