Medically Reviewed by-
डॉ जतिन आहूजा
संक्रामक रोग विशेषज्ञ
अपोलो, दिल्ली
कोरोना महामारी की दूसरी लहर से मुकाबले और संभावित तीसरी लहर के असर को कम करने के लिए विशेषज्ञ टीकाकरण को ही सबसे प्रभावी उपाय मान रहे हैं। देश में फिलहाल 18 साल से ऊपर के लोगों के टीकाकरण की व्यवस्था की गई है, हालांकि वैक्सीन की कमी फिलहाल चिंता का विषय बनी हुई है। वैज्ञानिक लगातार तमाम उम्र और स्थिति वाले लोगों पर टीके की प्रभाविता को जानने के लिए परीक्षण कर रहे हैं। इसी दिशा में हाल ही में स्तनपान कराने वाली महिलाओं को टीकाकरण करने की अनुमति दे दी गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों की मानें तो बच्चों पर टीकाकरण के प्रभाव को जानने के लिए अध्ययन किया जा रहा है।
वैक्सीनेशन अभियान के बीच लोगों के मन मे सवाल आ रहे हैं कि क्या टीकाकरण करा चुके लोगों को पूरी तरह से सुरक्षित माना जा सकता है? क्या जिन लोगों का टीकाकरण हो चुका है उनसे भी संक्रमण होने का खतरा रहता है? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।