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Health Tips: रात में नहीं आती है नींद और सुबह रहती है थकान? आपकी दिनचर्या की ये गलत आदत हो सकती हैं बड़ा कारण

Fri, 20 Jun 2025 01:45 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर लोगों को रात में देर तक जागने की आदत होती है, इतना ही नहीं सुबह उठने पर उन्हें सुस्ती भी महसूस होती है। कई बार इसके पीछे हमारी दिनचर्या की आदतें भी होती हैं, आइए इस लेख में उन्हीं गलत आदतों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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नींद नहीं आना - फोटो : Adobe Stock
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में रात में नींद न आना और सुबह उठते ही थकान महसूस होना एक बड़ी और आम समस्या बन गई है। यह एक ऐसा चक्र है जो हमारी शारीरिक और मानसिक सेहत दोनों को प्रभावित करता है। कई लोग रात में घंटों बिस्तर पर करवटें बदलते रहते हैं, और सुबह उठने पर भी उन्हें ताजगी की बजाय सुस्ती और आलस ही महसूस होता है।

अक्सर हम इस परेशानी के लिए बाहरी कारणों को दोष देते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि इसके पीछे हमारी अपनी दिनचर्या की कुछ गलत आदतें ही मुख्य रूप से जिम्मेदार होती हैं। हमारी जीवनशैली में कुछ ऐसे छोटे-छोटे बदलाव होते हैं, जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं, पर वे हमारी नींद की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। अच्छी बात यह है कि इन आदतों को पहचानकर और उनमें सुधार करके, आप न केवल बेहतर और गहरी नींद पा सकते हैं, बल्कि हर सुबह तरोताजा और ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वे आदतें और कैसे करें उन्हें दूर किया जा सकता है।
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नींद नहीं आना - फोटो : Adobe Stock
अनियमित नींद का समय
अनियमित समय पर सोना और जागना स्लिप साइकिल को बिगाड़ता है। देर रात तक जागने या हर दिन अलग-अलग समय पर सोने से शरीर का बायोलॉजिकल क्लॉक खराब रहता है। इससे नींद की गुड़वत्ता भी खराब होती है और सुबह थकान रहती है। रोजाना एक निश्चित समय पर सोने और जागने की आदत बनाएं। रात में 7-8 घंटे की नींद जरूरी लें।

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मोबाइल फोन अधिक इस्तेमाल - फोटो : Freepik
स्क्रीन टाइम का अधिक उपयोग
सोने से ठीक पहले मोबाइल, लैपटॉप, या टीवी देखना नींद को प्रभावित करता है। इन स्क्रीन्स से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को रोकती है, जो नींद के लिए जरूरी है। इससे दिमाग उत्तेजित रहता है और नींद आने में दिक्कत होती है। सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्क्रीन टाइम बंद करें और किताब पढ़ने पढ़ने की आदत डालें।

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देर रात में भोजन करना - फोटो : Adobe Stock
देर रात भारी भोजन या कैफीन
रात में भारी, तला-भुना खाना खाने या कॉफी, चाय जैसे कैफीन युक्त पेय लेने से नींद बाधित होती है, साथ ही इसका प्रभाव आपके पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। कैफीन दिमाग को उत्तेजित रखता है, जिससे नींद आने में समय लगता है। रात का खाना हल्का और सोने से 2-3 घंटे पहले लें।
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स्ट्रेस - फोटो : Adobe stock photos
तनाव और शारीरिक निष्क्रियता
तनाव और चिंता करने से दिमाग को शांत रखना मुश्किल हो जाता है, जिससे नींद प्रभावित होती है। इसके अलावा, सेडेनट्री लाइफस्टाइल भी नींद न आने का बड़ा कारण होता है। योग, मेडिटेशन, या गहरी सांस लेने की तकनीक तनाव कम करती हैं। इसलिए इस समस्या से बचने के लिए रोजाना 30 मिनट की योग, या हल्का व्यायाम करें, इससे नींद न आने की और सुबह में थकान रहने की समस्या दूर होती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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