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सेहत की बात: पुरुषों की सेहत और ताकत से जुड़ा है ये हार्मोन, जानिए कैसे कर सकते हैं इसे बूस्ट?

Tue, 06 Oct 2026 12:15 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टेस्टोस्टेरोन पुरुषों में मांसपेशियों के विकास और शारीरिक ताकत से जुड़ा महत्वपूर्ण हार्मोन है। नियमित व्यायाम इसके स्तर को प्रभावित कर सकता है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, वेटलिफ्टिंग, कार्डियो और कुछ योग अभ्यास फायदेमंद हो सकते हैं। हालांकि, हार्मोनल स्वास्थ्य के लिए व्यायाम के साथ नींद, खान-पान और स्वस्थ वजन भी जरूरी हैं।
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टेस्टोस्टेरोन कैसे बढ़ाएं - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ खान-पान पर ध्यान देना ही पर्याप्त नहीं है। नियमित शारीरिक गतिविधि भी उतनी ही जरूरी है। नियमित रूप से व्यायाम की आदत वजन कंट्रोल रखने से लेकर मांसपेशियों को मजबूत बनाने, हृदय की सेहत सुधारने और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट शारीरिक गतिविधि करने की सलाह देते हैं।

व्यायाम का असर शरीर के हार्मोन्स पर भी पड़ता है। खासतौर पर पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर ठीक बनाए रखने में भी शारीरिक गतिविधियों की भूमिका हो सकती है। टेस्टोस्टेरोन पुरुषों का प्रमुख हार्मोन है और यह मांसपेशियों के विकास तथा शारीरिक ताकत से भी जुड़ा होता है। कुछ खास तरह की एक्सरसाइज इस हार्मोन के स्तर को ठीक रखने में मददगार हो सकती हैं। 
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मांसपेशियों को कैसे मजबूत करें - फोटो : Freepik.com
मांसपेशियों में वृद्धि के लिए आवश्यक हार्मोन

पुरुषों में मांसपेशियों के विकास और शरीर की ताकत के लिए टेस्टोस्टेरोन को महत्वपूर्ण हार्मोन माना जाता है। जिन पुरुषों में इसका स्तर कम होता है, उनमें मांसपेशियों का आकार और शारीरिक शक्ति कम होने के साथ शरीर की कार्यक्षमता पर भी असर देखा जा सकता है।
 
  • इसी वजह से नियमित व्यायाम को टेस्टोस्टेरोन और मांसपेशियों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। 
  • हालांकि, सिर्फ एक्सरसाइज को ही टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने का एकमात्र उपाय नहीं माना जा सकता। 
  • अध्ययनों में पाया गया है कि अच्छी नींद, शरीर की वजन, खान-पान और दूसरी स्वास्थ्य स्थितियां भी हार्मोन्स के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं।
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हेल्दी शरीर के लिए व्यायाम जरूरी - फोटो : Freepik.com
वेटलिफ्टिंग और हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज के फायदे

टेस्टोस्टेरोन के स्तर को ठीक रखने वाले व्यायाम की बात करें तो स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। वेटलिफ्टिंग जैसी गतिविधियों में मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ता है और कुछ अध्ययनों में इनके बाद टेस्टोस्टेरोन के स्तर में अस्थायी बढ़ोतरी देखी गई है।
 
  • हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग यानी (एचआईआईटी) भी इसी तरह की एक्सरसाइज है। 
  • कुछ शोध में यह भी पाया गया है कि पुरुषों में सुबह की तुलना में शाम को स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने पर टेस्टोस्टेरोन में अधिक और लंबे समय तक बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
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कार्डियो व्यायाम के फायदे - फोटो : Adobe Stock
कार्डियो व्यायाम भी जरूरी

टेस्टोस्टेरोन के लिए सिर्फ जिम में वजन उठाना ही काफी नहीं है। कुछ शोध में कार्डियो और दूसरी इंड्योरेंस आधारित एक्सरसाइज को भी हार्मोन के स्तर पर असर डालने वाला पाया गया है।
 
  • तेज चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना या दूसरी कार्डियो गतिविधियां शरीर को सक्रिय रखने में मदद करती हैं। इनका फायदा सिर्फ हार्मोन तक सीमित नहीं है, बल्कि ये वजन नियंत्रित करने और हृदय की सेहत बेहतर रखने में भी मदद कर सकती हैं।
  • सबसे जरूरी बात यह है कि आपको अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार ऐसी गतिविधियां चुनना चाहिए जिसे लंबे समय तक नियमित रूप से कर सकें। 
  • नियमित व्यायाम करने की आदत शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

टेस्टोस्टेरोन और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग को भी अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। कुछ योग अभ्यास शरीर की सक्रियता, लचीलेपन और मांसपेशियों की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। योग विशेषज्ञों के अनुसार प्लो पोज, व्हील पोज और शीर्षासन जैसे कुछ आसनों को नियमित अभ्यास में शामिल किया जा सकता है। इनसे भी शरीर की कार्यक्षमता में सुधार होता है।





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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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