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फैक्ट चेक: क्या कोविड वैक्सीन लगवाने से नपुंसकता हो सकती है? विशेषज्ञों से जानिए सच्चाई

Thu, 06 May 2021 07:50 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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वैक्सीन को लेकर फैली हैं कई सारी भ्रांतियां - फोटो : iStock
डॉ. रिचा अस्थाना
एम्स


डॉ. जितेंद्र नासा
क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट, उजाला सिग्नस


कोरोना वायरस की दूसरी लहर का बुरा असर देश के लगभग सभी राज्यों में देखने को मिल रहा है। कहीं स्थिति नियंत्रण में है तो कहीं बेकाबू। कोरोना संक्रमण की इसी रफ्तार को कम करने के लिए कई राज्यों ने लॉकडाउन का भी ऐलान कर दिया है। लोगों को संक्रमण रोकने के सभी नियमों का पालन करने के लिए बार-बार कहा जा रहा है।
सोशल मीडिया के माध्यम से लोग एक दूसरे की मदद के लिए भी आगे आ रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर ही कोरोना वैक्सीन से जुड़ी कुछ मनगढ़ंत खबरें भी तेजी से वायरल हैं, जिससे लोगों के मन में काफी भ्रम पैदा हो रहा है। आइए विशेषज्ञों से ऐसे ही एक वायरल खबर की सच्चाई के बारे में जानने की कोशिश करते हैं।
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सोशल मीडिया पर आंख बंद करके न करें यकीन - फोटो : Social media
वायरल खबर क्या है?
सोशल मीडिया पर कोविड वैक्सीन को लेकर तेजी से वायरल पोस्ट में कहा जा रहा है कि लोगों को कोरोना के टीके नहीं लगवाने चाहिए। टीके में कुछ ऐसे तत्व हैं जो आपको हमेशा के लिए नपुंसक बना सकते हैं। जिन लोगों ने यह टीका लगवा लिया है वह कभी बच्चों का सुख नहीं भोग पाएंगे। कोरोना के बहाने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर यह टीके दिए जा रहे हैं, इसलिए इसे न लगवाएं।
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कोरोना वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित - फोटो : iStock
क्या वास्तव में ऐसा है?
अंग्रेजी वेवसाइट हेल्थलाइन से एक बातचीत के दौरान 'ब्लैक कोलेशन अगेंस्ट कोविड-19' के को-फाउंडर डॉ रीड टक्सन कहते हैं कि दुनिया के तमाम हिस्सों में बनी किसी भी वैक्सीन को लेकर कोई ऐसे सबूत नहीं मिले हैं, जिसके आधार पर कहा जा सके कि टीकों से प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है। सभी टीकों का बारीकी से परीक्षण किया गया है, ऐसे में हम पूरी जिम्मेदारी से कह सकते हैं कि यह खबर सिर्फ लोगों को भ्रमित करने के लिए सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है। 

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भारत में बनी दोनों वैक्सीन हैं प्रभावी - फोटो : pixabay
भारत में प्रयोग में लाई जा रही दोनों वैक्सीन- कोवीशील्ड और कोवैक्सीन को भी विशेषज्ञ काफी सुरक्षित मानते हैं। एम्स की डॉ. रिचा अस्थाना कहती हैं कि भारत में बनी दोनों वैक्सीन कोरोना के संक्रमण को रोकने में प्रभावी हैं। वैक्सीन के कारण नपुंसकता और बांझपन जैसी बातें पूरी तरह से अफवाह हैं, इसपर लोगों को बिल्कुल भी भरोसा नहीं करना चाहिए। 
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कोरोना वैक्सीन से डरें नहीं - फोटो : PTI
वैक्सीन लगवाने से संक्रमण हो सकता है?
उजाला सिग्नस सोनीपत के क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट डॉ. जितेंद्र नासा कहते हैं कि कोरोना की वैक्सीन लगाने के कारण संक्रमण होने की बात पूरी तरह से बेबुनियाद है। वैक्सीन लेना पूरी तरह से सुरक्षित है, इससे आपको बिल्कुल भी डरने की जरूरत नहीं है। वैक्सीन लेने के बाद कुछ लोगों में संक्रमण के हल्के लक्षण जरूर देखे जा रहे हैं जोकि सामान्य हैं। शरीर में किसी भी तरह के एंटीजन जाने पर इस तरह की प्रतिक्रिया होना सामान्य है, यह स्वत: ठीक भी हो जाती है। सभी लोगों को टीकाकरण जरूर कराना चाहिए।
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नोट: यह लेख एम्स की डॉ. रिचा अस्थाना और उजाला सिग्नस सोनीपत के क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट डॉ. जितेंद्र नासा से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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