फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid-19: क्या आंखों के माध्यम से भी हो सकता है संक्रमण, जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

Tue, 04 Jan 2022 01:42 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
आंखों के माध्यम से कोरोना का संक्रमण? - फोटो : iStock
दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते संक्रमण के मामलों ने स्वास्थ्य संस्थाओं और वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। अध्ययनों से पता चलता है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा से भी तेज गति से बढ़ रहा है, जिसको लेकर वैज्ञानिक चिंतित है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों से कोरोना के संक्रमण से बचाव के उपाय करते रहने की अपील कर रहे हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कोविड-19 ऊपरी श्वसन प्रणाली को संक्रमित करता है, जिससे फेफड़ों में गंभीर संक्रमण हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली ड्रॉपलेट्स के माध्यम से कोरोना का संक्रमण अन्य लोगों में भी हो सकता है। पर क्या कोरोना नाक-मुंह के अलावा किसी और अंग के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है?

कोरोना को लेकर किए गए कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि वायरस कुछ समय तक हवा में भी मौजूद हो सकते हैं, ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या आंखों के माध्यम से भी कोरोना का वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है? क्या मास्क लगाकर नाक-मुंह से कोरोना के प्रवेश को रोकने के साथ हमें आंखों पर चश्मा लगाकर रखना चाहिए, जिससे कोरोना के प्रवेश को प्रतिबंधित किया जा सके? आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
आंखों में कोरोना के लक्षण - फोटो : Pixabay
आंखों के माध्यम से कोरोना का संक्रमण
आंखों के माध्यम से कोरोनावायरस के संपर्क में आने पर विशेषज्ञों के विचार विभाजित हैं। यह अभी भी पूरी तरह से निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता है, हालांकि कुछ साक्ष्य इस बारे में सोचने पर मजबूर करते हैं। ऐसी आशंका है कि आंख के कंजंक्टिवा के जरिए वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। यह एक स्पष्ट ऊतक है जो आंख के सफेद भाग और पलक के अंदर की रेखाओं को ढकता है। अध्ययनों में पाया गया है कि यह हिस्सा कॉमन कोल्ड या हर्पीज वायरस से संक्रमित हो सकता है, हालांकि कोरोनावायरस के साथ भी ऐसा ही है या नहीं, फिलहाल इस बारे में अधिक शोध की आवश्यकता है।
विज्ञापन

3 of 5
कंजंक्टिवा में संक्रमण - फोटो : iStock
आंखों में देखे जा सकते हैं लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना का संक्रमण आंखों से फैलता है या नहीं, यह तो स्पष्ट नहीं है हालांकि आंखों में कोरोना के लक्षण जरूर दिखाई दे सकते हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि कोविड-19 से संक्रमित लगभग 1 से 3 प्रतिशत लोगों को कंजेक्टिवाइटिस होता है। आमतौर पर यह तब होता है जब कोई वायरस कंजंक्टिवा को संक्रमित करता है। अब कोरोना का वायरस आंखों को कैसे प्रभावित करता है, यह अभी पता लगाने की जरूरत है।

4 of 5
आंखों में भी दिख सकते हैं कोरोना के लक्षण - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आंखों के जरिए कोविड संक्रमण होने की आशंका हो सकती है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने के दौरान निकली ड्रॉपलेट्स किसी भी सतह को दूषित कर सकती है। अगर इस सतह को छूने के बाद कोई अपने चेहरे या नाक को छूता है, वे वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। यही कारण है कि बार-बार किसी भी सतह या चेहरे को छूने से पहले हाथ साफ करने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कोरोना के प्रसार को रोकने के करें उपाय - फोटो : iStock
कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए करें उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोनावायरस अत्यधिक संक्रामक वायरस है जो ज्यादातर श्वसन प्रणाली के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। इसलिए, दूषित हवा में सांस लेने के जोखिम को कम करने के लिए हर समय मास्क पहनना बेहतर है। अपने चेहरे को छूने या खाने से पहले हाथ धोएं और छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को ढकें। दूसरों से सामाजिक दूरी बनाए रखें। आंखों को छूने से पहले भी हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। 


----------------
नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें