दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते संक्रमण के मामलों ने स्वास्थ्य संस्थाओं और वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। अध्ययनों से पता चलता है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा से भी तेज गति से बढ़ रहा है, जिसको लेकर वैज्ञानिक चिंतित है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों से कोरोना के संक्रमण से बचाव के उपाय करते रहने की अपील कर रहे हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कोविड-19 ऊपरी श्वसन प्रणाली को संक्रमित करता है, जिससे फेफड़ों में गंभीर संक्रमण हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली ड्रॉपलेट्स के माध्यम से कोरोना का संक्रमण अन्य लोगों में भी हो सकता है। पर क्या कोरोना नाक-मुंह के अलावा किसी और अंग के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है?
कोरोना को लेकर किए गए कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि वायरस कुछ समय तक हवा में भी मौजूद हो सकते हैं, ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या आंखों के माध्यम से भी कोरोना का वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है? क्या मास्क लगाकर नाक-मुंह से कोरोना के प्रवेश को रोकने के साथ हमें आंखों पर चश्मा लगाकर रखना चाहिए, जिससे कोरोना के प्रवेश को प्रतिबंधित किया जा सके? आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।