फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dengue: क्या बच्चे भी हो सकते हैं डेंगू के शिकार, जानें कैसे गंभीर रूप ले सकती है यह बीमारी?

Tue, 06 May 2025 07:36 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डेंगू एक ऐसी बीमारी है जिसका अगर समय पर इलाज नहीं मिला तो ये जानलेवा हो सकता है। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या बच्चों को डेंगू हो सकता है? आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 5
छोटा बच्चा - फोटो : Adobe Stock
डेंगू एक गंभीर और खतरनाक बीमारी है, जो एडीस मच्छर के काटने से फैलती है। यह वायरस से होने वाली बीमारी तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते और कमजोरी जैसे लक्षण पैदा करती है। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकती है। डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से बचाव बहुत जरूरी है। कर्नाटक में इन दिनों डेंगू के कई मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या छोटे बच्चे को भी डेंगू हो सकता है? आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।

कैसे फैलता है डेंगू?
डेंगू मच्छर आमतौर पर दिन के समय काटते हैं और रुके हुए साफ पानी, जैसे कूलर, टायर, फूलदान और पानी की टंकियों में पनपते हैं। इसके बाद जब यह मच्छर काटते हैं तो डेंगू बीमारी होती है। यह मच्छर बच्चे या बूढ़े किसी को भी काट सकते हैं। 

डेंगू मच्छर के काटने के कुछ ही दिनों बाद इसके लक्षण दिखने लगते हैं। लेकिन कम उम्र के बच्चों के लिए यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है, उनके लक्षण थोड़े अलग हो सकते हैं। आइए पहले बच्चों के डेंगू के लक्षण के बारे में जानते हैं।
 
विज्ञापन

2 of 5
मच्छर - फोटो : Freepik.com
बच्चों में डेंगू के लक्षण
बच्चों में डेंगू के लक्षण वयस्कों से थोड़े अलग और कभी-कभी पहचानने में मुश्किल हो सकते हैं। आमतौर पर इसमें अचानक तेज बुखार (102-104 डिग्री फारेनहाइट), माथे में तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, और बुखार के कुछ दिनों बाद त्वचा पर गुलाबी या लाल चकत्ते शामिल हैं। बच्चे थकान, कमजोरी, मतली, उल्टी और भूख की कमी महसूस कर सकते हैं।


ये भी पढ़ें- World Asthma Day 2025: अस्थमा रोगी इन बातों का रखें विषेश ध्यान, वरना छोटी सी लापरवाही से बिगड़ सकती है तबीयत
विज्ञापन

3 of 5
डेंगू बुखार - फोटो : Freepik.com
बच्चों के लिए क्यों गंभीर हो सकता है डेंगू?
डेंगू बच्चों के लिए विशेष रूप से गंभीर हो सकता है क्योंकि उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुई होती है, जिसके कारण वे वायरस से लड़ने में कम सक्षम होते हैं। बच्चों में यह बीमारी वयस्कों की तुलना में तेजी से गंभीर रूप ले सकती है, जिससे डेंगू हेमरेजिक फीवर और डेंगू शॉक सिंड्रोम जैसे खतरनाक रूपों का खतरा बढ़ जाता है। 

 

4 of 5
डेंगू मच्छरों - फोटो : Freepik.com
इनमें प्लेटलेट काउंट खतरनाक स्तर तक गिर सकता है, जिससे आंतरिक रक्तस्राव या ब्लड प्रेशर में अचानक कमी हो सकती है, जो बच्चों को शॉक में डाल सकती है। इसके अलावा, बुखार, उल्टी और भूख न लगने के कारण बच्चों में तेजी से डिहाइड्रेशन हो सकता है, जो उनकी स्थिति को और गंभीर बना देता है।

ये भी पढ़ें- Thyroid Symptoms: तेजी से झड़ने लगे हैं बाल? कहीं आपको थायरॉइड की समस्या तो नहीं?
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
छोटे बच्चे - फोटो : Freepik.com
बचाव के उपाय
बच्चों में डेंगू के गंभीर लक्षणों की समय रहते पहचान की जानी चाहिए। जब भी बच्चों में डेंगू के लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए जांच करवाकर डॉक्टर से संपर्क करें और उनका सही इलाज शुरू कराएं। ध्यान देने वाली बात ये है कि डेंगू बुखार का अब तक कोई ज्ञात इलाज नहीं है। इसमें लक्षणों को कम करने वाले तरीकों को प्रयोग में लाया जाता है। ऐसे में आप बच्चों को मच्छरों के काटने से बचाव करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं और घर के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।


नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें