दुनियाभर में तेजी से बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने बजट 2022-23 में इस दिशा में बड़े कदम की घोषणा की है। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते देश में नेशनल टेलीमेंटल सेंटर शुरू किए जाएंगे। आईआईटी बैंगलोर इसके लिए तकनीकि सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इसमें स्वास्थ्य प्रदाताओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की डिजिटल रजिस्ट्रियां, विशिष्ट स्वास्थ्य पहचान और लोगों तक बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को सुनिश्चित किया जाएगा।
कोरोना के इस दौर में संक्रमण के कारण लोगों को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। आंकड़े बताते हैं कि कोरोना काल में मानसिक स्वास्थ्य के शिकार लोगों का संख्या में 40-60 फीसदी का इजाफा हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के इस दौर में पैदा हुई तमाम तरह की अनिश्चितताओं का मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, ऐसे में आशंका है कि आने वाले वर्षों में यह गंभीर समस्या बनकर उभर सकती है। मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ, सरकार के इस कदम को सराहनीय बता रहे हैं।