कोलोरेक्टल कैंसर की समस्या का निदान
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कैसे काम करती है ब्लड टेस्टिंग?
कोलोरेक्टल कैंसर अमेरिका में कैंसर से होने वाली मौतों का दूसरा प्रमुख कारण है और कुल मिलाकर ये कैंसर के सबसे आम प्रकारों में से भी एक है। अकेले अमेरिका में ही हर साल डेढ़ लाख से अधिक लोगों में इस कैंसर का निदान किया जाता है और हर साल 50,000 से अधिक लोग बृहदान्त्र या मलाशय के कैंसर से मारे जाते हैं। अब इस ब्लड टेस्ट से समय रहते कैंसर का पता लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वैज्ञानिकों ने बताया, इस खास प्रकार के रक्त परीक्षण से ट्यूमर से रक्त प्रवाह में रिलीज किए गए डीएनए का पता लगा सकता है। अब तक 7,800 से अधिक लोगों के परीक्षण में इस नए टेस्ट को 87% सटीक पया गया है, गलत रिपोर्टिंग दर 10% से भी कम है। हालांकि यह परीक्षण उन्नत प्रीकैंसरस घावों का पता लगाने में कम सफल रहा।