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आज का योग: नियमित रूप से कीजिए सूर्य नमस्कार का अभ्यास, सेहत को होंगे ऐसे गजब के फायदे

Mon, 28 Feb 2022 12:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सू्र्य नमस्कार आसनों के लाभ - फोटो : Amar ujala
शरीर के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए तमाम तरह के योगासनों का अभ्यास करना आपके लिए लाभदायक हो सकता है। इसमें भी सूर्य नमस्कार का अभ्यास आपके लिए विशेष फायदेमंद माना जाता है। जीवन देने वाली ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ कई तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानियों को दूर करने में सूर्य नमस्कार का अभ्यास आपके लिए लाभदायक हो सकता है। आधायात्म के अनुसार सूर्य, ऊर्जा और शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में इस योग का अभ्यास आपको कई तरह से लाभान्वित कर सकता है।

सूर्य नमस्कार करने का सबसे अच्छा समय सूर्योदय से पहले का होता है। यह शारीरिक और मानसिक शक्ति को बढ़ाने के साथ, शरीर पर बेहतर नियंत्रण बनाने, मन को शांति देने, संतुलित ऊर्जा और आंतरिक शांति प्रदान करने में मददगार है। सूर्य नमस्कार का अभ्यास आपको अधिक जागरूक बनाने की भी एक शक्तिशाली तकनीक है। नियमित अभ्यास से यह शरीर, श्वास और चेतना के बीच गहरा संबंध स्थापित करने में भी मदद करने वाला योग है। आइए आगे की स्लाइडों में इस योग के अभ्यास से सेहत को होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
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सूर्य नमस्कार योग का अभ्यास - फोटो : Pixabay
सूर्य नमस्कार का अभ्यास कैसे करें?
योग विशेषज्ञों के मुताबिक सूर्य नमस्कार सबसे आसान और अत्यंत प्रभावी अभ्यासों में से एक है। इसमें 12 अलग-अलग स्थितियों में सूर्य को प्रणाम करना होता है। प्रणाम मुद्रा, हस्त उत्तानासन, पश्चिमोत्तनासन, अश्व संचालन आसन, पर्वतासन, अष्टांग नमस्कार और भुजंगासन जैसे अभ्यास करना आपके लिए विशेष फायदेमंद हो सकते हैं। शुरुआत के दिनों में 5 चक्रों के साथ अभ्यास शुरू कर सकते हैं और धीरे-धीरे इसे 11 चक्र प्रतिदिन तक बढ़ा सकते हैं। आसनों के सही जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें।
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रोजाना करना चाहिए सूर्य नमस्कार का अभ्यास - फोटो : Pixabay
सूर्य नमस्कार का अभ्यास करने के क्या लाभ हैं?
योग विशेषज्ञों के मुताबिक सूर्य नमस्कार कई तरह से आपके मन और शरीर को लाभ प्रदान कर सकता है। 
  • वजन कम करने में मदद करता है।
  • आपको रोगमुक्त और स्वस्थ रखने में मदद करता है।
  • तन और मन के संतुलन को बढ़ाता है।
  • रक्त परिसंचरण में सुधार करता है।
  • पाचन तंत्र में सुधार करता है।
  • दिल को मजबूत करता है।
  • पेट की मांसपेशियों, श्वसन प्रणाली, लसीका प्रणाली, रीढ़ की हड्डी और अन्य आंतरिक अंगों को उत्तेजित करता है।
  • रीढ़, गर्दन, कंधे, हाथ, हाथ, कलाई, पीठ और पैर की मांसपेशियों को टोन करता है, जिससे समग्र लचीलेपन को बढ़ावा मिलता है।
  • मनोवैज्ञानिक रूप से यह शरीर, श्वास और मन के परस्पर संबंध को नियंत्रित करता है।
  • मन को शांत करते हुए शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है।

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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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