डॉक्टर की सलाह पर ही लें दवाएं
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जहां जरूरत नहीं वहां भी हो रहा है इसका इस्तेमाल
अमर उजाला से बातचीत में इंटेंसिव केयर के डॉक्टर अमित भार्गव कहते हैं, हमें ध्यान रखना होगा कि एंटीबायोटिक्स सिर्फ बैक्टीरियल संक्रमण के लिए हैं वायरल नहीं। सर्दी-जुकाम में भी कई लोग खुद से एंटीबायोटिक्स लेने लगते हैं जबकि यह वायरल संक्रमण के कारण होता है और इसपर इन दवाओं का कोई असर नहीं है। हमारे पास गांवों-कस्बों से कई मरीज गंभीर स्थिति में आते हैं, जिनमें असल बीमारी के निदान के बिना स्थानीय डॉक्टर महीनों तक एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल करते रहे हैं।
इसके अलावा इंटरनेट-यूट्यूब देखकर खुद डॉक्टर बनना, परिवार में किसी को अगर कोई दवा फायदा की है, वही खुद से भी लेना शुरू कर देना ये सब बहुत गंभीर स्थिति है। सिर्फ एंटीबायोटिक्स ही नहीं कई और भी दवाओं के भी रेजिस्टेंस बनते मरीजों में देखे जा रहे हैं।
हमेशा किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें। बिना प्रिस्क्रिप्शन ओवर-द-काउंटर, इंटरनेट-यूट्यूब से देखकर न तो खुद डॉक्टर बनें, न ही खुद से दवा लेना शुरू करें। दवाएं जितने फायदे के लिए बनी हैं, दुरुपयोग की स्थिति में इससे कहीं ज्यादा नुकसानदायक भी हो सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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