कैंसर वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम रहा है, हर साल तमाम प्रकार के कैंसर के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कैंसर का खतरा किसी को भी हो सकता है, इससे बचाव के लिए लगातार प्रयास करते रहने की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, तकनीक के विकास और मेडिकल की क्षेत्र में आधुनिकता के साथ पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अब कैंसर का इलाज आसान तो हुआ है पर अब भी यह आम लोगों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। कैंसर के कारण मृत्यु के बढ़ते मामलों के लिए इसका समय पर निदान न हो पाना एक कारण माना जाता रहा है।
इस बीच एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं की टीम ने कैंसर के निदान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (आई) को प्रभावी पाया है। द लैंसेट रीजनल हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन की रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया कि एआई के माध्यम से पित्ताशय के कैंसर का पता लगाना आसान हो सकता है, एक अनुभवी रेडियोलॉजिस्ट की तरह ही इसके माध्यम से समय पर कैंसर का पता लगाया जा सकता है।
मेडिकल के क्षेत्र में तकनीक के इस संयोजन को स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी प्रभावी मान रहे हैं।