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चिंताजनक: हर चार में से एक युवा इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या का शिकार, ये चार उपाय आपको रखेंगे सुरक्षित

Sat, 07 Sep 2024 02:11 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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युवाओं में ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : istock
युवा आबादी में बढ़ती कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। कई मेडिकल रिपोर्ट्स चिंता जताते रहे हैं कि 40 से कम आयु वाली एक बड़ी आबादी हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) की समस्या झेल रही है। दुर्भाग्यपूर्ण ये है कि इनमें से अधिकतर लोग अपनी इस परेशानी से अनजान हैं। हाई ब्लड प्रेशर को हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी की गंभीर बीमारियों के लिए प्रमुख कारण माना जाता रहा है।

हालिया अध्ययन की रिपोर्ट से पता चलता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में 18-39 वर्ष की आयु के हर चार में से एक युवा को हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन की समस्या हो सकती है। 

शिकागो में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के वैज्ञानिक ने प्रस्तुत रिपोर्ट में कहा कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या कम उम्र के लोगों को अपना शिकार बना रही है जो गंभीर चिंता का विषय है। स्कूल जाने वाले बच्चे भी इससे प्रभावित हैं। 8-19 वर्ष की आयु के 14 प्रतिशत से अधिक बच्चों में हाइपरटेंशन की दिक्कत देखी जा रही है। ये स्थिति भविष्य में हृदय रोगों के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है। 
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हाई ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : istock
युवाओं में बढ़ रही है ब्लड प्रेशर की दिक्कत

शिकागो में 5-8 सितंबर तक आयोजित कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने बताया कि दो अलग-अलग अध्ययनों से पता चलता है कि उच्च रक्तचाप और अधूरी सामाजिक जरूरतें अमेरिका में युवा वयस्कों और बच्चों के लिए चिंता का विषय हैं। लगभग 23% युवा वयस्कों को उच्च रक्तचाप है। उच्च रक्तचाप वाले ज्यादातर वयस्क भोजन की कमी और कम आय वाले देखे गए हैं। मोटापे से ग्रस्त युवाओं में उच्च रक्तचाप का खतरा अधिक पाया गया है। इसके अलावा पुरुषों में महिलाओं की तुलना में ब्लड प्रेशर की समस्या ज्यादा देखी जा रही है।

आइए उन उपायों के बारे में जानते हैं जिनपर ध्यान देकर आप इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
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वजन को कंट्रोल करें - फोटो : Freepik
वजन नियंत्रित रखना सबसे जरूरी

अधिक वजन या मोटापा को ब्लड प्रेशर का प्रमुख कारक माना जाता है। रक्तचाप को नियंत्रित बनाए रखने के लिए वजन को नियंत्रित रखना सबसे जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र से ही इसपर ध्यान दिया जाना चाहिए। बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) को सामान्य श्रेणी (18.5-24.9) में बनाए रखने की कोशिश करें।

वजन को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम करें।

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नमक से ब्लड प्रेशर का खतरा - फोटो : istock
सोडियम (नमक) का सेवन कम करें

अधिक मात्रा में सोडियम का सेवन रक्तचाप बढ़ा सकता है। सभी लोगों को भोजन में नमक की मात्रा कम रखने की सलाह दी जाती है। वयस्कों को रोजाना दो ग्राम से अधिक मात्रा में नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि आप प्रोसेस्ड फूड्स, जंक फूड्स और पिज्जा, नूडल्स, चिप्स जैसे नमक युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। 
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नियमित व्यायाम जरूरी - फोटो : istock
नियमित व्यायाम जरूरी

शारीरिक गतिविधि रक्तचाप को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नियमित व्यायाम से हृदय को मजबूत करने और बेहतर रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देने में भी मदद मिलती है। ये आदत संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि (जैसे चलना, तैराकी, साइकिलिंग) करने की सलाह देते हैं।

योग और ध्यान जैसे अभ्यास भी लाभदायक होते है क्योंकि ये तनाव कम करते हैं, जो ब्लड प्रेशर के बढ़ने का एक कारण माना जाता है।
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कम करें तनाव - फोटो : istock
तनाव और अनिद्रा में सुधार

अध्ययनों से पता चलता है कि तनाव की स्थिति रक्तचाप में अस्थाई वृद्धि का कारण बन सकती है, इसलिए स्ट्रेस कम लें। ध्यान और प्राणायाम जैसी विश्राम तकनीकों का उपयोग करके इसमें लाभ पाया जा सकता है।परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना भी इसमें फायदेमंद है। 

इसके साथ नींद की गुणवत्ता बनाए रखना भी बहुत जरूरी है। नींद की कमी उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ सकती है साथ ही इसका  हृदय स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर होता है। प्रतिदिन 7-8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद जरूर लें।



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स्रोत और संदर्भ
New studies highlight elevated blood pressure and unmet social needs in young adults, children


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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