फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fitness Tips: अक्षय कुमार की इन दो आदतों को बना लीजिए लाइफस्टाइल का हिस्सा, कई बीमारियों से हो जाएंगे सुरक्षित

Sun, 24 Aug 2025 08:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  •  एक कार्यक्रम के दौरान अक्षय ने अपनी अनुशासित जीवनशैली का एक और राज लोगों के सामने खोला। उन्होंने बताया कि वह हफ्ते में एक दिन, सोमवार को पूरे दिन उपवास रखते हैं और मंगलवार को उपवास खोलते हैं। इसके अलावा रोजाना शाम 6:30 बजे तक खाना खा लेते हैं। 
विज्ञापन
1 of 5
अक्षय कुमार ने खोले फिटनेस के राज - फोटो : एक्स
Akshay Kumar Fitness: जब भी सेलिब्रिटीज के फिटनेस को लेकर चर्चा होती है तो सबसे पहले जहन में अक्षय कुमार का नाम आता है। 57 साल की उम्र में भी उनकी फुर्ती और ऊर्जा देखकर यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि वो इस उम्र में हैं। उनकी फिटनेस सिर्फ जिम में पसीना बहाने से नहीं, बल्कि डेली रूटीन, सही खानपान और लाइफस्टाइल से आती है। कई मौकों और कार्यक्रमों में वह अपनी फिटनेस का राज बता चुके हैं।

अगर हम भी अक्षय कुमार के कुछ फिटनेस रूल्स को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लेते हैं तो ये सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकता है। अक्षय कुमार सुबह 4:30 बजे उठने की आदत के लिए मशहूर हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि जल्दी उठने वाले लोगों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है। वे देर रात तक पार्टी करने की बजाय रात 9 बजे तक सोने की आदत पर टिके रहते हैं। ये नियम ही उन्हें बाकी सितारों से अलग बनाता है।

आइए अक्षय की उन सबसे महत्वपूर्ण आदत के बारे में जानते हैं जिसे आपनाकर आप कई प्रकार की बीमारियों से न सिर्फ सुरक्षित रह सकते हैं बल्कि एक स्वस्थ और लंबी जिंदगी भी जी सकते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
फिटनेस का कैसे रखें ध्यान - फोटो : freepik.com
अक्षय कुमार ने बताया फिटनेस का राज

हाल ही में फिटनेस से संबंधित एक पुस्तक के विमोचन समारोह के दौरान अक्षय ने अपनी अनुशासित जीवनशैली का एक और राज लोगों के सामने खोला। उन्होंने बताया कि वह हफ्ते में एक दिन, सोमवार को पूरे दिन उपवास रखते हैं और मंगलवार को उपवास खोलते हैं। इसके अलावा रोजाना शाम 6:30 बजे तक खाना खा लेते हैं। इन दोनों ही उपायों को फिटनेस एक्सर्ट संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
जल्दी डिनर करना सेहत के लिए जरूरी

अक्षय ने कहा, "रात का खाना जल्दी खाना जरूरी है क्योंकि जब हम रात को सोते हैं, तो हमारे शरीर का हर अंग आराम कर रहा होता है। लेकिन जो आराम नहीं कर रहा होता है, वह है आपका पेट क्योंकि हमने देर से खाना खाया है। जब तक आप उठते हैं, तब उसके आराम करने का समय हो जाता है। लेकिन हम उठते ही नाश्ता कर लेते हैं और फिर से बेचारा पेट काम पर लग जाता है।

सरल तरीके से समझिए कि शरीर के हर अंग की तरह पेट के भी अंगों को आराम चाहिए। इसलिए, शाम 6.30 बजे खाना जरूरी है जिससे पेट को खाना पचाने का समय मिल जाए और जब आप सोने वाले होते हैं, यानी 9.30, 10 बजे तक, पेट भी पूरी तरह से आराम की स्थिति में आ जाए।

4 of 5
खान पान में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
क्यों जरूरी है 7 बजे तक रात का भोजन

आयुर्वेद से लेकर आधुनिक मेडिकल साइंस तक, सभी इस बात पर सहमत हैं कि रात में डिनर करने का सबसे सही समय शाम 6-7 के बीच होता है। अगर आप रात 8 बजे से पहले डिनर करते हैं, तो शरीर को कई फायदे मिलते हैं। रात का खाना जल्दी खाने से न सिर्फ वजन घटता है, बल्कि नींद, दिल, पाचन और शुगर कंट्रोल में भी बड़े फायदे होते हैं। 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार जल्दी खाना खाने वालों में हाई बीपी 27% और हाई कोलेस्ट्रॉल का 19% कम पाया गया है। रात 8 बजे के बाद डिनर करने पर 20% ज्यादा शुगर स्पाइक देखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सप्ताह में एक दिन का करें उपवास - फोटो : Freepik.com
सप्ताह में एक दिन का उपवास

आहार विशेषज्ञ कहते हैं, इसी तरह से सप्ताह में एक दिन का उपवास भी जरूरी है। यह इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करके मेटाबॉलिज्म स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, शरीर से फैट कम करने में मदद करता है, कोशिकाओं की मरम्मत के लिए ऑटोफैगी को सक्रिय करता है। अध्ययनों में एक दिन के उपवास को हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी पाया गया है।

शोध बताते हैं कि ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करने, सूजन को कम करता है, और समग्र मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में  मदद करता है। एक दिन का उपवास करने से शरीर को बेहतर तरीके से डिटॉक्स होने का भी पर्याप्त समय मिल जाता है।



--------------
नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें