प्रदूषण के जोखिमों से करें बचाव
- फोटो : iStock
पीएम 2.5 और इसका खतरा
शोधकर्ताओं ने बताया, दिल्ली नहीं देश के कई राज्यों में भी प्रदूषण का बढ़ता स्तर गंभीर चिंताकारक है। अगर प्रदूषण के कारण ऐसे ही हालात जारी रहे और इसमें सुधार नहीं होता है तो ये जीवन प्रत्याशा को कम करने वाली स्थिति हो सकती है। वायु प्रदूषण और पीएम 2.5 के स्तर को फेफड़ों और हृदय की सेहत के लिए गंभीर समस्याकारक रहा है, इसका मानव स्वास्थ्य पर कई प्रकार से नकारात्मक असर हो सकता है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।