डायबिटीज के शिकार लोगों को इसकी जटिलताओं से बचे रहने के लिए लाइफस्टाइल और आहार पर विशेष ध्यान देते रहने की सलाह दी जाती है। आहार में मीठी चीजों और कार्ब्स की मात्रा को कम करने के साथ दिनचर्या में शारीरिक सक्रियता वाले तरीकों को शामिल करना ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल रखने में आपके लिए सहायक माना जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि इन कारकों के अलावा डायबिटीज को कंट्रोल करने में हवा की गुणवत्ता का भी विशेष योगदान होता है?
इसी से संबंधित एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने वालों में डायबिटीज विकसित होने और पहले से ही डायबिटीज के शिकार लोगों में इसकी जटिलताओं के बढ़ने का खतरा अधिक हो सकता है।
राजधानी दिल्ली-एनसीआर में जिस तरह से वायु की गुणवत्ता बिगड़ रही है, विशेषज्ञ इसे डायबिटीज की समस्याओं को बढ़ाने वाला मानते हैं। इनवायरमेंटल हेल्थ प्रोस्पेक्टिव में जून 2020 में प्रकाशित एक
अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि आप जिस हवा में सांस लेते हैं उसकी गुणवत्ता भी डायबिटीज की समस्या को बढ़ाने वाला कारक हो सकती है। इस अध्ययन में जंगल की आग के धुंए को प्रदूषण का आधार मानकर अध्ययन किया गया था। इस तरह के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को वायु प्रदूषण से बचाव के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। आइए इस अध्ययन के बारे में जानते हैं।