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फेफड़े ही नहीं पेट के लिए भी खतरनाक है वायु प्रदूषण, यहां जानें गैस्ट्रिक के लक्षण से लेकर बचाव के तरीके

Wed, 09 Mar 2022 02:35 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वायु प्रदूषण से पेट में गैस की शिकायत - फोटो : Pixabay

डॉ अनिल मोलाईराम
गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट,उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (मेडिसिन)

Medically Reviewed by Dr. Anil Molairam

राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खतरनाक होने के कारण लोगों का सांस लेना स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है। खराब हवा के दीर्घकालिक प्रभाव से फेफड़ों पर असर होता है और कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि दिल्ली एनसीआर में हाल ही में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में जो मरीज आए, उसमें सबसे अधिक पेट की समस्या वाले थे। आंकड़ों पर गौर करें तो आरोग्य मेले में 1978 मरीजों के रिकॉर्ड दर्ज किए गए। जिसमें से 431 मरीज पेट की शिकायत लेकर आए थे। वहीं 421 मरीज सांस लेने की तकलीफ से परेशान मिले। जितने भी मरीज आरोग्य मेले में आए, उसमें से 25 फीसदी बच्चे थे। इसमें पुरुष लाभार्थियों की संख्या 791 और महिलाओं की 691 रही। 496 बच्चे भी उपचार के लिए पहुंचे। बच्चों पर भी प्रदूषित हवा का गहरा असर पड़ रहा है। वायु प्रदूषण उनके शारीरिक और मानसिक विकास को भी प्रभावित कर रहा है। वहीं प्रदूषण से नई शारीरिक समस्या के कई मामले सामने आने के बाद बचाव, इलाज के उपाय के बारे में भी जानकारी होना जरूरी है। चलिए जानते हैं वायु प्रदूषण से पेट में होने वाली समस्या और उससे बचाव के बारे में।

 

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वायु प्रदूषण से पेट में गैस की शिकायत - फोटो : istock

दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण के कारण लोगों को कई बीमारियों ने घेर लिया है। खराब हवा का असर फेफड़े, दिल और त्वचा पर हो रहा है। इसके अलावा वायु प्रदूषण का असर पाचन तंत्र पर भी पड़ रहा है। गौतमबुद्धनगर के 33 स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। जिसमें गैस्ट्रो यानी पेट में गैस की समस्या के सबसे ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचे। डॉक्टरों ने इसे प्रदूषण का असर बताया। प्रदूषण के कारण जिले में कई लोग बीमार पड़े, इसका अंदाजा एक दिवसीय आरोग्य मेले में शामिल हुए मरीजों की तकलीफ से लगाया जा सकता है।

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वायु प्रदूषण से पेट में गैस की शिकायत - फोटो : iStock
पेट में गैस बनने के लक्षण

-पेट में गैस बनने पर पेट में दर्द होता है। 

-सुबह मल के बाद भी पेट साफ नहीं होता और पेट फूला हुआ लगता है।

-पेट में ऐंठन और हल्का हल्का दर्द होता रहता है।

-कभी कभी उल्टी भी होने लगती है।

-सिर दर्द की समस्या का मुख्य कारण भी पेट में गैस बनना होता है। 

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वायु प्रदूषण से पेट में गैस की शिकायत - फोटो : अमर उजाला
पेट में गैस बनने से रोकने के उपाय

गैस की समस्या होने के पहले ही उसे रोकना चाहते हैं तो खान पान पर ध्यान रखें।

अपनी डाइट में बदलाव करें, जैसे सेम, गोभी, प्याज के सेवन की मात्रा का ध्यान रखें।

मीठे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। 

खराब हवा के कारण गैस की समस्या की शिकायत हो रही है, इसलिए मास्क का इस्तेमाल करें और बाहर जाने से बचें। 
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वायु प्रदूषण से पेट में गैस की शिकायत - फोटो : iStock
पेट में गैस होने पर करें ये घरेलू उपाय 

-अजवाइन पेट के लिए फायदेमंद होती है। एक चम्मच अजवाइन में थोड़ा नमक मिलाकर गर्म पानी के साथ सेवन करें। 

-खाने में काले नमक का इस्तेमाल करें।

-अदरक को छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लें और नमक छिड़क कर खाएं।

-अदरक पाउडर को काली मिर्च पाउडर और इलायची पाउडर के साथ मिलाकर पानी में घोल कर पीएं।

-नींबू के रस में अदरक को भिगोकर भी स्वाद लें।

-सलाद में काला नमक डालकर टमाटर का सेवन करें। 

नोट: डॉ अनिल मोलाईराम एक प्रतिष्ठित और कुशल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट हैं। इन्होंने बॉम्बे इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से मेडिसिन में एमडी और मेडिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में स्पेशलाइजेशन किया है। इन्होंने एंडोस्कोपी और एंडोस्कोपी अल्ट्रासोनोग्राफी में फेलोशिप भी हासिल की है। यह एंडोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी, सिग्मा एंडोस्कोपी, ईआरसीपी, एंडोस्कोपिक वेजिटेशन बिलियरी स्टेटिंग और सामान्य स्टेटिंग में माहिर हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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