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हेल्थ अलर्ट: डेंगू का शिकार हो गई ये अभिनेत्री, डॉक्टर ने दी रिकवरी कर रहे लोगों को जरूरी सलाह; आप भी जानिए

Mon, 21 Sep 2026 04:42 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बॉलीवुड अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा डेंगू का शिकार हो गई हैं और अब रिकवरी कर रही हैं।
डेंगू से रिकवरी में बुखार उतरना ही पूरी तरह ठीक होने का संकेत नहीं है। इस दौरान गंभीर लक्षणों पर नजर रखना, पर्याप्त तरल लेना, आराम करना और डॉक्टर की सलाह मानना जरूरी है।
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डेंगू का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
बारिश और इसके बाद के महीनों को मच्छर जनित रोगों को लिहाज से सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता रहा है। आमतौर पर अगस्त से लेकर अक्तूबर के महीने में देश के कई राज्यों में डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का दबाव बढ़ जाता है। इस बार भी अलग-अलग जगहों से आ रही खबरें चिंता बढ़ा रही हैं। राजधानी दिल्ली-एनसीआर, उत्तर-प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित कई स्थानों पर डेंगू-मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने की खबर है।

हालिया रिपोर्ट में हमने बताया कि सितंबर के महीने में 12 तारीख तक डेंगू के 121 मामले सामने आए जो इस साल किसी भी महीने के सबसे ज्यादा केस थे। इसी तरह दिल्ली में इस साल मलेरिया के 183 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 64 मामले अकेले सितंबर में दर्ज हुए हैं, जो इस साल का सबसे बड़ा आंकड़ा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों को लेकर अलर्ट रहने की सलाह दे रहे हैं।

इस बीच अभिनेता कोंकणा सेन शर्मा के भी डेंगू की चपेट में आने की खबर है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभिनेता ने हाल ही में अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी साझा करके बताया कि वह फिलहाल बेहतर महसूस कर रही हैं और रिकवरी कर रही हैं।
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मच्छरों से होने वाली बीमारियां - फोटो : Freepik.com
डेंगू और इसके खतरे

कोंकणा ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक तस्वीर के साथ लिखा, दोस्तों, डेंगू से सावधान रहें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डेंगू होने के बाद सेहत को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। डेंगू में कई बार बुखार कम होने के बाद भी खतरा बना रहता है। डेंगू में बुखार ठीक होने का मतलब यह नहीं है कि शरीर पूरी तरह से सामान्य स्थिति में आ गया है।
 
  • गंभीर बीमारी के बाद थकान, कमजोरी, शरीर में दर्द, चक्कर आने और भूख में कमी जैसी कई समस्याएं हफ्तों तक बनी रह सकती हैं।
  • डेंगू के बाद शरीर को रिकवरी के लिए पूरा समय देना जरूरी है।
  • बुखार ठीक हो जाने के लंबे समय बाद तक कई लोगों में दर्द, कमजोरी, थकान जैसी समस्याएं बनी रहती हैं, ऐसे में रिकवरी के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देते रहना जरूरी है। 
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डेंगू के गंभीर खतरे - फोटो : Freepik.com
बुखार उतरने के बाद भी लापरवाही न करें

इंटेंसिव केयर के डॉक्टर अरविंद सिंह बताते हैं, डेंगू के मरीजों को अपनी सेहत को लेकर ठीक होने के बाद भी सतर्क रहना चाहिए। बुखार कम होते ही खुद को पूरी तरह स्वस्थ न मानें। 
 
  • डेंगू का बुखार ठीक होने के 3-8 दिनों के बीच सबसे ज्यादा खतरा देखा जाता रहा है। कई बार बुखार उतरने के बाद गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। 
  • बुखार ठीक होने के बाद भी अगर पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आने या बहुत ज्यादा कमजोरी की दिक्कत रहती हो तो सावधान हो जाना चाहिए। 
  • मरीजों में बेचैनी, सांस तेज होने या पेशाब कम आने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ये गंभीर डेंगू की ओर इशारा हो सकते हैं।
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डेंगू-मलेरिया का खतरा - फोटो : Freepik.com
शरीर में पानी-इलेक्ट्रोलाइट की कमी न होने दें

डेंगू में बुखार, पसीना, उल्टी और खान-पान की कमी के कारण शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इसलिए रिकवरी के दौरान पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहना बेहद जरूरी है। पानी के साथ-साथ डॉक्टर की सलाह के अनुसार ओआरएस, इलेक्ट्रोलाइट वाले पेय, सूप या अन्य चीजों का सेवन किया जा सकता है। 

रिकवरी के दौरान पेशाब की मात्रा पर भी ध्यान देते रहना जरूरी है, क्योंकि पेशाब कम होना शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है। 


रिकवरी के दौरान इन बातों का भी रखें ध्यान

डेंगू के दौरान और उसके बाद शरीर को संक्रमण से उबरने में समय लगता है। इसलिए तुरंत जिम, भारी व्यायाम या ज्यादा भागदौड़ शुरू करने से बचें। 
 
  • अच्छी नींद और शरीर को आराम देना रिकवरी का जरूरी हिस्सा है। 
  • रिकवरी के दौरा हल्का, आसानी से पचने वाला और पौष्टिक भोजन ही करना चाहिए। खिचड़ी-दाल, सब्जियां, फलों को आहार का हिस्सा बनाएं।
  • डेंगू में दर्द और बुखार के कारण मरीज अक्सर खुद से दर्द की दवा लेना शुरू कर देते हैं, लेकिन ये गलती खतरनाक हो सकती है। एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी दवाएं रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं।
  • बुखार या दर्द के लिए पैरासिटामोल का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए भी डॉक्टरी सलाह जरूरी है।
  • अगर आपको कमजोरी के साथ सांस फूलने, बेहोशी, खून आने या पेट में तेज दर्द जैसे लक्षण बने रहते हों तो तुरंत डॉक्टर की सलाह जरूरी लें।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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