असत्य पर सत्य की जीत का पर्व विजया दशमी यानी की दशहरा 8 अक्टूबर को मनाया जाने वाला है। मां भगवती की आराधना यानी की नवरात्रि के नौ दिन पूरे होने के बाद दशमी तिथि को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने लंकाधिपति दशानन का वध कर सीता को छुड़ाया था। दशहरे के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाते हुए रावण का पुतला जलाया जाता है। रावण के साथ उसके भाई कुंभकरण और बेटे मेघनाद के भी पुतलों का दहन किया जाता है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और रावण के बीच युद्ध में रावण के भाई विभिषण को छोड़ सभी परिवार वालों की मृत्यु हुई थी। लेकिन बहुत कम ही लोग रावण के पूरे परिवार के बारे में जानते हैं। दशहरे के खास अवसर पर हम आज आपको रावण के पूरे पारिवारिक वृक्ष के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं...
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
रावण के माता-पिता
रावण ऋषि विश्वश्रवा और कैकसी का संतान था। कैकसी ऋषि विश्वश्रवा की दूसरी पत्नी थीं। ऋषि विश्वश्रवा की पहली पत्नी इलाविडा थी, जिनसे रावण से पहले कुबेर का जन्म हुआ था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
रावण के दादा-दादी
ब्रह्मा के पुत्र महर्षि पुलस्त्य रावण के दादा थें। रावण की दादी का नाम हविर्भुवा था।
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रावण
- फोटो : amar ujala
रावण के नाना-नानी
रावण के नाना का नाम सुमाली था और नानी का नाम ताड़का था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
रावण के भाई-बहन
रावण के कुल 8 भाई-बहन थे। विभीषण, कुंभकरण, अहिरावण, खर, दूषण रावण के सगे भाई थे। सूर्पनखा और कुम्भिनी रावण की सगी बहनें थीं। इसके अलावा रावण का सौतेला भाई(जो कि रावण से बड़े थे) कुबेर थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
रावण की पत्नियां
रावण की तीन पत्नियां थीं। पहली पत्नी का नाम मंदोदरी, दूसरी पत्नी का नाम धन्यमालिनी और तीसरी पत्नी का नाम किसी को मालूम नहीं है। रावण की पहली पत्नी मंदोदरी राजा मायासुर और अप्सरा हेमी की पुत्री थीं।
रावण के पुत्र
पौराणिक मान्यताओंं के मुताबिक सात पुत्र थे। रावण के पुत्रों के नाम इस प्रकार है:
1. इंद्रजीत
2. प्रहस्थ
3. अतिकाय
4. अक्षयकुमार
5. देवान्तक
6. नरान्तक
7. त्रिशिर