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भीमराव आंबेडकर जयंती 2021: एक दो नहीं 9 भाषाओं का था ज्ञान, संविधान निर्माण में निभाया अहम रोल

Wed, 14 Apr 2021 12:10 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Doctor bhimrao ambedkar Jayanti 2021 - फोटो : facebook/University of Rajasthan, Jaipur
जब-जब बात भारत देश के संविधान की होती है, तब-तब जुबां पर डॉक्टर भीमराव आंबेडकर का नाम आना भी लाजमी है। 14 अप्रैल 1891 में मराठी परिवार में जन्मे भीमराव के पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और मां का नाम भीमाबाई था। काफी विषम परिस्थितियों में पढ़ाई करने वाले भीमराव को बचपन से ही कई तरह के भेदभाव झेलने पड़े थे। दलित समाज के उत्थान और उन्हें जागरुक करने में डॉक्टर भीमराव ने जो योगदान दिया, उसे आज भी पूरी दुनिया याद करती है। हर साल 14 अप्रैल को डॉक्टर भीमराव आंबेडकर जयंती मनाई जाती है, तो चलिए आपको उनके बारे में कुछ खास बातें बताते हैं।
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Doctor bhimrao ambedkar Jayanti 2021 - फोटो : facebook/Himanta Biswa Sarma
डॉक्टर भीमराव आंबेडकर का चयन सन् 1913 में अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए हुआ था। जहां से उन्होंने राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की थी। यही नहीं, इसके दो साल बाद यानी सन् 1916 में उन्हें एक शोध के लिए पीएचडी से सम्मानित किया गया।
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Doctor bhimrao ambedkar Jayanti 2021 - फोटो : facebook/BJP Delhi
डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने सन् 1936 को स्वतंत्र लेबर पार्टी की स्थापना की थी। वहीं, स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री भी डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ही रहे थे। बचपन से समस्याओं से जूझते आए डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के अंदर देश के लिए कुछ करने की एक अलग इच्छा थी।

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Doctor bhimrao ambedkar Jayanti 2021 - फोटो : facebook/Himanta Biswa Sarma
ये बात शायद बेहद कम लोगों को पता है कि डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को नौ भाषाओं का ज्ञान था। इसमें हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, पाली, मराठी, जर्मन, फ्रेंच, गुजराजी और पर्शियन जैसी भाषाएं शामिल थीं।
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Doctor bhimrao ambedkar Jayanti 2021 - फोटो : facebook/Communist Party of India (Marxist)
डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को भारत का संविधान निर्माता भी कहा जाता है। ये बात सभी जानते हैं कि हमारे देश के संविधान के निर्माण में डॉक्टर भीमराव आंबेडकर का अहम योगदान रहा है। 29 अगस्त 1947 को उन्हें संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
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Doctor bhimrao ambedkar Jayanti 2021 - फोटो : facebook/Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS)
संविधान का फाइनल ड्राफ्ट तैयार करने में उन्हें दो साल 11 महीने और 17 दिन का समय लगा था। संविधान तैयार करने के दौरान भीमराव आंबेडकर के विचार थे कि विभिन्न वर्गों के बीच के अंतर को बराबर करना महत्वपूर्ण था, नहीं तो देश की एकता को बनाए रखना बहुत मुश्किल होगा। उन्होंने धार्मिक, लिंग और जाति समानता पर जोर दिया था। डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने 6 दिसंबर 1956 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
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