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कालीमिर्च के उपयोग से दांत और मसूड़ों की समस्या में मिलती है राहत और भी हैं फायदे

Thu, 07 Jan 2021 04:30 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कालीमिर्च में पेपराइन नामक रसायन पाया जाता है - फोटो : Social Media

कालीमिर्च हर भारतीय घर में पाई जाती है। जब भी खड़े मसालों का प्रयोग होता है तब कालीमिर्च भी उसमें शामिल होती ही है। कालीमिर्च जहां खाने को बहुत अच्छा स्वाद देती है, वहीं कालीमिर्च की यह भी खासियत है कि यह कई सारे बीमारियों का प्रभावी इलाज है। कालीमिर्च अपने गुणों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत महंगी बिकती है। कालीमिर्च में एंटी ऑक्सीडेंट गुणों के साथ ही पेपराइन नामक रसायन भी पाया जाता है। इस रसायन के कारण काली मिर्च के स्वाद में एक प्रकार का तीखापन होता है। खाने में कालीमिर्च का उपयोग तो करना ही चाहिए। अगली स्लाइड्स से जानिए काली मिर्च के सेवन से किन-किन बीमारियों से मिलती है राहत। 

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पाइपरिन कई तरह के कैंसरों के इलाज में सहायता करता है - फोटो : Pixabay

कैंसर
काली मिर्च में एंटी ऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो कि कैंसर से लड़ने में सहायता करते हैं, विशेषकर ब्रेस्ट कैंसर से। विभिन्न अध्ययनों में पता चला है कि कालीमिर्च में मौजूद तत्व पाइपरिन कई तरह के कैंसरों के इलाज में सहायता करता है। पाइपरिन आंतों में सेलेनियम, बीटा कैरोटीन और विटामिन- बी जैसे अन्य पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करता है जो कि कैंसर की रोकथाम के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है।

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मुंह की बदबू एवं मसूड़ों से खून आने जैसी समस्याओं में राहत मिलती है - फोटो : अमर उजाला

दांत और मसूड़े
कालीमिर्च के सेवन से सूजन कम होती है। यदि मसूड़ों में सूजन या जलन होती है तो नमक के साथ मिलाकर काली मिर्च का उपयोग कर सकते हैं। मुंह की बदबू एवं मसूड़ों से खून आने जैसी समस्याओं में भी इससे राहत मिलती है। एक चम्मच पानी में नमक और काली मिर्च मिलाएं और इससे प्रतिदिन अपने मसूड़ों की मालिश करें। ऐसा करने से अपने आप ही आपके मसूड़े ठीक हो जाएंगे। 

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कालीमिर्च के तेल को त्वचा पर लगाने से त्वचा को गर्माहट मिलती है - फोटो : सोशल मीडिया

गठिया का दर्द
काली मिर्च में पाइपरिन, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-गठिया के गुण पाए जाते हैं। कालीमिर्च के तेल को त्वचा पर लगाने से त्वचा को गर्माहट मिलती है, जिससे कि रक्त परिसंचरण बेहतर ढंग से होता है। गठिया से पीड़ित लोग दर्द से राहत पाने के लिए इसका उपयोग करते हैं। इससे शरीर में मौजूद यूरिक एसिड भी हटता है, जो कि शरीर के लिए बहुत हानिकारक होता है। 

 

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काली मिर्च में रोगाणुरोधी गुण होते हैं - फोटो : Pixabay
सर्दी का इलाज
सर्दी-जुकाम में तो काली मिर्च का उपयोग किया ही जाता है। काली मिर्च का उपयोग कंजेशन को साफ करने में किया जाता है। काली मिर्च में रोगाणुरोधी गुण होते हैं, जिस वजह से यह आसानी से सर्दी और जुकाम का उपयोग करते हैं। कंजेशन से राहत पाने के लिए प्रतिदिन दो या तीन बार एक गिलास गर्म पानी में काली मिर्च पाउडर का आधा चम्मच मिलाकर पियें।
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