रक्तदान के लिए पहुंचे सुरक्षाबल के जवान।
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जीएमसी जम्मू के ब्लड ट्रांसफ्यूजन डिपार्टमेंट की एचओडी डॉ. मीना सिद्धू ने बताया कि रक्तदान का शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। भारत में हर दो सेकेंड में ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है और हर साल पांच करोड़ यूनिट खून की आवश्यकता है। लोगों को बढ़चढ़ कर रक्तदान करने के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने बताया कि नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (एनबीटीसी) की सिफारिशों के अनुसार 18-60 आयु वर्ग का कोई स्वस्थ व्यक्ति, जिसका वजन 50 किलो तक या उससे अधिक है, रक्तदान कर सकता है। रक्तदाता को कोई संक्रामक रोग नहीं होना चाहिए।