फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीरियत: कुलगाम में कश्मीरी हिंदू की हत्या से सदमे में हैं पड़ोसी मुस्लिम, सहरी के लिए चूल्हे के तक नहीं जले, देखिए तस्वीरें

Thu, 14 Apr 2022 08:34 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कुलगाम

सार

आतंकियों की गोली का निशाना बने सतीश सिंह अपने पीछे मां, पत्नी व छह से 15 साल की उम्र की तीन बेटियां छोड़ गए हैं। उनके रिश्तेदार ने बताया कि घटना बुधवार शाम करीब 7.05 बजे की है। जब एक अज्ञात आतंकी ने उनके भाई को गोली मार दी। उन्होंने कहा कि वे तीन पीढ़ियों से गांव में रह रहे हैं। 
विज्ञापन
1 of 7
कुलगाम में आतंकियों निशाना बने सतीश सिंह की बेटी बिलखती हुई - फोटो : बासित जरगर

दक्षिण कश्मीर के काकरान गांव में बुधवार की शाम हुई कश्मीरी हिंदू युवक सतीश कुमार सिंह (50) की हत्या से पूरा गांव सदमे में है। उनके घर पर वीरवार को पड़ोसियों का तांता लगा रहा। घर से रह-रह कर चीख पुकार उठ रही थी। इस निर्मम घटना से उनके मुस्लिम पड़ोसी भी स्तब्ध हैं। घटना के बाद सहरी के लिए उनके घर के चूल्हे भी नहीं जले हैं। उनको मलाल है कि कातिल ने हमले के लिए वह वक्त चुना जब इफ्तार के लिए वे सभी मस्जिदों में नमाज पढ़ने गए थे। 

विज्ञापन

2 of 7
कुलगाम में आतंकियों निशाना बने सतीश सिंह के परिजन - फोटो : बासित जरगर

इस घटना से दुखी सतीश के पड़ोसी अब्दुल रहमान तांत्रे कहते हैं कि हमने अपना रात का खाना या कुछ भी नहीं खाया है। पूरा गांव मातम मना रहा है। सतीश एक सज्जन व्यक्ति थे। सतीश की चिता के लिए लकड़ी एकत्र करने वाले उनके  पड़ोसियों ने बताया कि सतीश बहुत मिलनसार थे। वह आतंकवाद के चरम के दौरान भी यहां से बाहर नहीं गए। कुछ पड़ोसी उनके परिवार को सांत्वना देते भी नजर आए। उनके छोटे भाई बिटू सिंह ने बताया कि भइया एक निजी लोड कैरियर चालक के रूप में काम करता थे, उन्होंने कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया।

विज्ञापन

3 of 7
कुलगाम में आतंकियों निशाना बने सतीश सिंह के परिजन - फोटो : बासित जरगर

सतीश कुमार सिंह अपने पीछे मां, पत्नी व छह से 15 साल की उम्र की तीन बेटियां छोड़ गए हैं। बिटू सिंह ने कहा कि यह घटना बुधवार शाम करीब 7.05 बजे की है। जब एक अज्ञात आतंकी ने उनके भाई को गोली मार दी। उन्होंने कहा कि वे तीन पीढ़ियों से गांव में रह रहे हैं और 1990 के दशक की शुरुआत में जब आतंकवाद शुरू हुआ था, उस साल कश्मीरी पंडितों ने जम्मू और देश में दूसरी जगहों पर शरण लेने के लिए घाटी छोड़ दी थी।

4 of 7
कुलगाम में आतंकियों निशाना बने सतीश सिंह के परिजन - फोटो : बासित जरगर

लेकिन, हमें अतीत में कभी भी खतरा महसूस नहीं हुआ। गांव में हम आठ राजपूत परिवार हैं और स्थानीय मंदिर में एक पुलिस गार्ड तैनात है। उन्होंने कुछ समय पहले एक बीमारी के कारण अपने पिता को खो दिया है और उनकी मां पुष्पा देवी अपने बेटे की हत्या से सदमे में हैं। बिट्टू कहते हैं कि हमारे मुस्लिम पड़ोसी भी अपनी संवेदना व्यक्त करने आ रहे हैं। वे और क्या कर सकते हैं, वे भी असहाय हैं।

विज्ञापन

5 of 7
कुलगाम में आतंकियों निशाना बने सतीश सिंह के परिजन - फोटो : बासित जरगर

सतीश के भाई ने कहा-जीवन सबके लिए कीमती

बिट्टू सिंह कहते हैं कि उनके समुदाय अब घाटी से बाहर जाने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा, जीवन सभी के लिए कीमती है और हमारी भी प्राथमिकता है। हालांकि पुलिस व अन्य अफसर उनसे मुलाकात कर हर संभव समर्थन का वादा कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर कश्मीर के बारामुला जिले में लगे एक पोस्टर का हवाला दिया जिसमें हिंदुओं को कश्मीर छोड़ने के लिए कहा गया था। लश्कर-ए-इस्लामी नाम के एक अज्ञात समूह ने उस गांव के निवासियों को धमकी दी थी जहां कश्मीरी पंडितों का एक समूह रहता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वह इस पोस्टर की विश्वसनीयता के बारे में जांच कर रही है। पुलिस ने कहा कि शांति और शांति भंग करने के लिए ऐसी धमकी देने वाले बदमाशों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और उनसे सख्ती से निपटा जाएगा।

विज्ञापन

6 of 7
कुलगाम में आतंकियों निशाना बने सतीश सिंह के घर पर पहुंचे पड़ोसी - फोटो : बासित जरगर

ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने की अपील

कुलगाम विधानसभा का पूर्व में प्रतिनिधित्व कर चुके माकपा के वरिष्ठ नेता एमवाई तारिगामी ने सिंह की हत्या की निंदा की और कश्मीरियों के पूरे समुदाय से ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस हत्या ने इलाके की पूरी आबादी को झकझोर कर रख दिया है। ऐसे बर्बर कृत्यों की निंदा करने के लिए कोई शब्द पर्याप्त नहीं हैं जो केवल कश्मीर के दुश्मनों और सहिष्णुता और भाईचारे के लोकाचार के अनुकूल हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
कुलगाम में आतंकियों निशाना बने सतीश सिंह के घर पर पहुंचे पड़ोसी - फोटो : बासित जरगर

अंतिम संस्कार में उमड़े लोग

सतीश का वीरवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी काफी कड़ी रखी गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें