जम्मू-कश्मीर में सितम्बर 2016 में हुए उरी हमला किसने कराया इस बात से सभी वाकिफ हैं। इसके सबूत भी भारतीय सेना ने घटना के कुछ ही घंटों के बाद जुटा लिए थे। जिससे साफ हो गया था कि उरी आतंकी हमले में पाकिस्तान का ही हाथ था। इस हमले की जांच अभी एनआईए द्वारा चल ही रही है। आज अमर उजाला के प्रसार क्षेत्र में रहने वाले उरी शहीदों के परिजनों को सम्मानित करने और उनके साथ बने रहने के समर्पण को प्रकट करने के लिए सोमवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जय हिंद, जय हिंद की सेना!
तस्वीरों में देखियें इस हमले से जुड़े पाकिस्तान के खिलाफ सबूत...
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- फोटो : अमर उजाला
सेना के तत्कालीन डीजीएमओ रणबीर सिंह ने हमले के बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया था कि हमले में बरामद सामानों में 4 एके 47 राइफल मिली हैं। साथ ही 4 ग्रेनेड लांचर समेत भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं।
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तत्कालीन डीजीएमओ रणबीर सिंह ने बताया था कि सेना को आतंकियों के पास से जो जीपीएस मिला है उसकी शुरूआती लोकेशन पाकिस्तान में मिली थी। ऐसे में आतंकियों के मंसूबे और उनके आका बेनकाब हो गए।
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इस हमले में मारे गए आतंकियों के पास से पाकिस्तान में बनी दवाएं और खाने का सामान मिला था। इन सामानों पर पाकिस्तान की मोहर होने की बात भी सामने आई थी। आतंकियों ने जो कपड़े पहन रखे थे वह भी पाकिस्तान में ही निर्मित थे।
सेना के जवानों को सर्च ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान का पश्तो साहित्य भी मिला था। गहनता से जांच के लिए और पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए सभी सबूतों को अमेरिका की फारेंसिक लैब जांच के लिए भी भेजा गया था।