अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को घाटी छोड़ने की एडवाइजरी के बाद शनिवार को 20 हजार से अधिक यात्री और पर्यटक घाटी से लौट गए हैं। अमरनाथ यात्रा में पहलगाम व बालटाल ट्रैक पर लगाए गए लंगरों तथा पोनी व अन्य काम करने वाले लगभग दो लाख लोग भी यहां से चले गए हैं। इस बीच राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया।
यहां पढ़ने वाले आठ सौ से अधिक बाहरी छात्रों को शनिवार को सुबह बस से जम्मू भेजा गया। उधर, जम्मू में भगवती नगर स्थित बेस कैंप को दोपहर 12 बजे यात्रियों से खाली करा लिया गया। बिना दर्शन किए ही हजारों अमरनाथ श्रद्धालु लौट गए। इसके साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टुकड़ी जम्मू पहुंच गई है। घाटी में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त कंपनियां कश्मीर पहुंचने लगी हैं।
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कश्मीर से वापस जाते पर्यटक
- फोटो : बासित जरगर
अमरनाथ यात्रा के दोनों ट्रैक पर लंगर हटा लिए गए हैं। बालटाल तथा पहलगाम बेस कैंप सूने पड़े हैं। श्रीनगर में पेट्रोल पंप सूख गए हैं। दुकानों पर राशन खत्म होने के साथ ही एटीएम में पैसे खत्म हो गए हैं। जम्मू-पठानकोट हाईवे पर जगह-जगह अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है। पर्यटन विभाग की ओर से गुलमर्ग, पहलगाम तथा अन्य पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों को वापस भेजने के लिए बसों की व्यवस्था की गई।
पर्यटन विभाग के निदेशक (कश्मीर) निसार वानी के अनुसार गृह विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी किए जाने के बाद बसों को भेजा गया था। इन्हें शुक्रवार की रात श्रीनगर के विभिन्न होटलों में ठहराया गया। शनिवार सुबह एयरपोर्ट भेज दिया गया। पहलगाम इलाके में ट्रैकिंग के लिए गए कुछ पर्यटकों को लौटते ही वापस भेज दिया जाएगा। श्रीनगर एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि 300 से अधिक यात्रियों को एयरफोर्स के विमानों से भेजा गया।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर ने अगले आदेश तक सभी कक्षाएं स्थगित कर दी है। रजिस्ट्रार द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश के मुताबिक जिला प्रशासन श्रीनगर से मिले निर्देश के तहत यह नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट शाहिद इकबाल चौधरी ने ट्वीट कर कहा था कि संस्थान को बंद करने का निर्देश नहीं दिया गया है। अफवाहों को रोकने के लिए सभी संस्थानों के प्रमुखों को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें। किसी भी संस्थान को बंद करने की कोई सलाह या निर्देश नहीं दिया गया है।
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कश्मीर से वापस जाते पर्यटक
- फोटो : बासित जरगर
घाटी के जिला अस्पतालों में कंट्रोल रूम खुलने शुरू
घाटी के जिला अस्पतालों में कंट्रोल रूम खुलने शुरू हो गए हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए कंट्रोल रूम संचालन के लिए डॉक्टरों तथा अन्य स्टाफ की टीम गठित कर दी गई है। कुपवाड़ा के ब्लॉक मेडिकल अफसर की ओर से ऐसा ही एक आदेश जारी किया गया है। श्रीनगर के गवर्नमेंट बोन एंड ज्वाइंट हास्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक की ओर से आदेश जारी कर कहा गया है कि कोई भी कर्मचारी बिना लिखित अनुमति के स्टेशन न छोड़े।
मचैल यात्रा भी रोकी, बूढ़ा अमरनाथ यात्रा का एक जत्था जाएगा
जम्मू संभाग में मचैल यात्रा भी रोक दी गई है। किश्तवाड़ जिले में 43 दिन तक चलने वाली मचैल माता यात्रा को सुरक्षा कारणों से शनिवार को रोक दिया गया। अधिकारियों ने लोगों से यात्रा नहीं शुरू करने और जो लोग रास्ते में हैं उनसे वापस लौटने को कहा है। किश्तवाड़ के उपायुक्त अंग्रेज सिंह राणा ने बताया कि सुरक्षा कारणों के चलते तत्काल प्रभाव से यात्रा रोक दी गई है। गुलाबगढ़ में लंगर भी बंद कर दिया गया है। छह अगस्त से दस दिनों के लिए शुरू होने वाली बूढ़ा अमरनाथ यात्रा को भी रद कर दिया गया है। केवल एक जत्था जाएगा। इसके लिए देशभर के लगभग 25 हजार यात्रियों ने पंजीकरण कराया था।